बुलंदशहर: जिले में अब तक तीस से अधिक लोगों की जान ले चुके बुखार के कंट्रोल के लिए स्वास्थ्य अफसर चाहे जो दावे करते हो, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल में बढ़ते बुखार रोगियों को एक-एक बैड पर तीन-तीन मरीजों को लेटाया जा रहा है। चिकित्सक और निरीक्षण करने वाले अफसर सब देखकर भी अनदेखा कर रहे है।

जिला अस्पताल में आने वाले बुखार पीड़ित के साथ ही सीएचसी और पीएचसी से रेफर होने वाले मरीज भी यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों की भरमार है। बावजूद इसके स्वास्थ्य अफसरों ने मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड में अलग से कोई व्यवस्था नहीं की है। नतीजन मरीजों का हाल-बेहाल है।

लापरवाही का ये आलम तो तब है कि पिछले करीब बीस दिन से बुखार जिलेभर में कहर बरपाए हुए है। जहांगीराबाद, सिकंदराबाद, औरंगाबाद और स्याना क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। इन्हीं क्षेत्रों से सबसे ज्यादा मरीजों को यहां रेफर किया गया। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी प्रतिदिन चार से पांच सौ वायरल पीड़ित पहुंच रहे हैं। गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाता है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं से मरीज और उनके तीमारदारों को जूझना पड़ रहा है। विजिट के लिए डाक्टर या अधिकारी पहुंचते है तो रोगी और तीमारदार समस्या बताते हैं, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है। सीएमएस डा. रामवीर ¨सह का कहना है कि वार्ड में शासन से 177 बैड स्वीकृत हैं। जबकि वार्ड में 200 बैड की व्यवस्था की हुई है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण थोड़ी दिक्कत है। वायरल ठीक होने में तीन दिन का समय लगता है। मरीज आते-जाते रहते हैं। मरीजों के तीमारदारों के रहने से वार्ड में भीड़ है। संक्रमण का खतरा तो है, लेकिन कहीं और जगह भी नहीं है। अन्य वार्डो में भी बुखार रोगी

-बेकाबू हो रहे बुखार का आलम ये है कि जिला अस्पताल का वार्ड फुल होने के बाद अब सर्जीकल और हड्डी वार्ड तक में वायरल पीड़ितों की भरमार है। मरीजों की सुविधा के लिए इन वार्डों को खोला गया है। रोज नहीं बदली जा रही चादर

वैसे तो संक्रमण सीजन चल रहा है। लेकिन सतर्कता का आलम ये है, कि वार्ड में बैड पर चादर भी रोज नहीं बदली जा रही है। पहला रोगी उठकर जाता है और उसी चादर पर दूसरा रोगी लेटा दिया जाता है। बुखार पीड़ित सांस रोगी पहुंच रहे मेडिकल कालेज

-दावे चाहे जो भी हो पर अफसर और डाक्टर रिस्क नहीं ले रहे हैं। आपा बचाने के लिए गंभीर बुखार रोगी और बुखार पीड़ित सांस रोगियों को तुरंत ही मेरठ मेडिकल कालेज या हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।

Posted By: Jagran