कौन हैं IFS हंसराज वर्मा? जो अब क्यूबा में होंगे भारत के राजदूत; UP के गांव से है इनका नाता
IFS Hansraj Singh Verma: बुलंदशहर के आनंदगढ़ी गांव के मूल निवासी वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी हंसराज सिंह वर्मा को क्यूबा में ...और पढ़ें

आईएफएस हंसराज सिंह वर्मा। सौ. स्वजन
HighLights
यूपी के बुलंदशहर जिले के आनंदगढ़ी गांव के हैं मूल निवासी।
वर्तमान में ब्राजील में महावाणिज्य दूत के पद पर कार्यरत।
सुदंर सिंह राणा, ऊंचागांव (बुलंदशहर)। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी हंसराज सिंह वर्मा को क्यूबा में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। उनका नाता जिले के गांव आनंदगढ़ी से है। वह वर्तमान में ब्राजील के साओ पाउलो में भारत के महावाणिज्य दूत (Consul General) के पद पर कार्यरत हैं। इसी माह राजदूत के तौर पर क्यूबा में कार्यभार संभालेंगे।
गांव पाली आनंदगढ़ी के मूल निवासी हंसराज सिंह वर्मा की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र और जिले में हर्ष का माहौल है। रामशरण मावी के पुत्र हंसराज सिंह वर्मा शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय फतेहगढ़ हुई। कक्षा छह से 12 तक हिमाचल प्रदेश के आरएमएस चैल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में एमए जेएलएन कालेज फरीदाबाद किया।
उनके भतीजे हिमाचल सिंह प्रधान ने बताया कि हंसराज सिंह वर्मा 2008 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। उनकी चार बहनें शर्मिला, मंजू, अंजू, भारती और भाई संजय वर्मा हैं। भाई भी विदेश मंत्रालय में कार्यरत हैं।

माता-पिता, भाई-बहनों के साथ हंसराज सिंह वर्मा (दाएं)। सौ. स्वजन
अभी तक इन पदों पर रही है नियुक्ति
आईएफएस अधिकारी के तौर पर फ्रांस, पुर्तगाल, जर्मनी, अर्जेंटीना, मोजाम्बिक, बांग्लादेश और घाना में उनकी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति रही है। नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में भी उनकी तैनात रही। इस दौरान उन्होंने पासपोर्ट, वीजा, यूएनओ से जुड़े मामलों सहित कई जिम्मेदारियां संभालीं। 14 सितंबर 2024 को उन्होंने ब्राजील के साओ पालो में भारत के महावाणिज्य दूत का कार्यभार संभाला।

पिता और बेटे के साथ हंसराज सिंह वर्मा (बाएं)। सौ. स्वजन
स्वजन के अनुसार हंसराज सिंह वर्मा को हिंदी कविता लिखने और यात्राएं करने का शौक है। उनकी पत्नी का नाम कल्पना है। उत्कर्ष और पंखुरी उनके पुत्र-पुत्री हैं। दोनों उच्च शिक्षा प्राप्ति के बाद जर्मनी में जॉब कर रहे हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव पाली आनंदगढ़ी और क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताते हुए उनके परिवार को बधाई है। लोगों का कहना है कि हंसराज सिंह वर्मा ने अपनी मेहनत और निष्ठा से परिवार व गांव सहित पूरे जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
