बुलंदशहर, जेएनएन : तमाम तरह के अड़ंगों के बाद अब जहरीली हवा ने सीवर लाइन के निर्माण कार्य पर ब्रेक लगा दिए हैं। पिछले बीस दिन से शहर में सीवर लाइन का काम रुका पड़ा है। ऐसे में कार्यदायी संस्था और निर्माण कंपनी के अधिकारी परेशान हैं, क्योंकि निर्माण कार्य फरवरी 2020 तक पूरा करके देना है।

केंद्र सरकार की अमृत योजना से शहर में सीवर लाइन बनाने का काम अप्रैल 2018 में शुरू हुआ। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से जल निगम इस कार्य को पूरा करेगा। शहर में तीन कंपनियां सीवर लाइन बनाने के काम में जुटी है। सीवर लाइन का निर्माण शुरू होने के बाद से ही तमाम तरह के अड़ंगे लगते रहे। कभी सभासदों ने हंगामा किया तो कभी पालिका ने काम रुकवाया। कई बार गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए शहरवासियों ने काम रुकवाया। सावन माह में कांवड़ मेले ने काम रुकवाया दीपावली पर त्योहारी सीजन में लेवर की छुट्टी और व्यापारियों की मांग के चलते काम बंद रहा। दीपावली के बाद हवा में ऐसा जहर घुला कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून) के आदेश पर एनसीआर क्षेत्र में निर्माण कार्य रोक दिए गए। एनसीआर में बुलंदशहर भी शामिल है। इसलिए शहर में सीवर लाइन का निर्माण कार्य भी रोक दिया गया। पिछले करीब 20 दिन से काम बंद पड़ा है।

70 फीसद पूरा हुआ काम

-अफसरों की सख्ती और निर्माण कंपनियों के प्रयास के बाद पिछले करीब 19 माह में 70 फीसद काम ही पूरा हो पाया है। ऐसे में अब अधिकारी परेशान हैं, कि बचे समय में 30 फीसद काम भला कैसे पूरा होगा।

इंफो

147 करोड़ - है कुल बजट

2020 फरवरी - तक पूरा होगा काम

125 किमी- लंबी होगी सीवर लाइन

1.5 से 3 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से निकलेगा सीवर का पानी

छिड़काव किया जाए

-प्रधानाचार्य राजीव शर्मा ने बताया कि विकास होता है तो थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन ठेकदार को भी ध्यान रखना चाहिए। सड़क खुदने के बाद जब तक सड़क न बने तो मिट्टी पर छिड़काव किया जाना चाहिए। ताकि धूल न उड़े। इन्होंने कहा

-कभी मौसम खराब रहा तो कभी कांवड़ और कभी त्योहारी सीजन अब एनजीटी की रोक है। सभासदों ने भी विरोध कर बिना वजह काम रुकवाया। लेकिन अब तेजी से काम करेंगे। निर्धारित समय से एक-दो माह का वक्त ही ज्यादा लगेगा।

-एसके शर्मा-एक्सईएन जलनिगम

Posted By: Jagran

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