बुलंदशहर, जेएनएन: श्रीगोपाल संकीर्तन मंडल के 33वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में खुर्जा पीली कोठी स्थित संत निवास पर श्रीरामकथा चल रही है। रामकथा के तीसरे दिन हरि नाम के जयकारे से कथा स्थल गूंज उठा।

श्रीरामकथा में मंगलवार को रामजीदास महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि जब पृथ्वी पर धर्म क्षीण होता है तथा आसुरी शक्तियां बढ़ जाती हैं। तब उनके विनाश के लिए भगवान अवतार लेते हैं। भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर अवतार लेकर आसुरी शक्तियों का विनाश किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में राम के नाम की बड़ी महिमा है। भगवान के नाम का सुमिरन करने मात्र से प्राणी मोक्षधाम को प्राप्त कर लेता है और भगवान की शरण में पहुंच जाता है। हनुमान राम के सच्चे भक्त थे। तभी उन्हें श्रीराम की सेवा और उनके साथ रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसी तरह सच्ची भक्तों पर भी ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती हैं और उनके सभी दुख-दर्द अपने आप ही दूर हो जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने सती की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान शंकर विश्वास के देवता हैं और भवानी श्रद्धा की देवी हैं। यदि जीवन में श्रद्धा और विश्वास समाप्त हो जाएगा, तो तर्क-वितर्क होंगे और गंदी सोच सभी के ऊपर भावी होने लगेगी। इस मौके पर विक्रम सिंह, अशोक सिंह, रामप्रकाश अग्रवाल, अरुण बंसल, राजेंद्र बंसल, ओमीलाल, जयभगवान शर्मा, आरसी वर्मा, अवनेश बंसल, कौशल शर्मा, राजेंद्र बंसल, मनीष तायल आदि रहे।

Posted By: Jagran

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