बुलंदशहर : गणेश पूजन और महोत्सव की शुरुआत 13 सितंबर से हो गई है। घर-घर में गणेश की प्रतिमा स्थापित कर बप्पा का गुणगान किया जाएगा। इसके लिए भगवान गणेश के भक्तों ने पूरी तैयारी कर ली है। बाजार से गणेश जी की मूर्ति ले जाने के साथ घर में साफ-सफाई भी एक दिन पहले ही पूरी कर ली गई है। विधि विधान से प्रतिमा को स्थापित करने के बाद पूजन किया जाएगा।

बाजार में गणेश जी की मूर्तियां सौ से पांच सौ रुपये तक उपलब्ध है। विभिन्न मटेरियल की की मूर्तियां बाजार में बिक रही हैं। कोलकाता, जयपुर, मेरठ की मूर्तियां खूब पसंद की जा रही हैं। मटेलिक गोल्ड पॉलिश की गणेश की मूर्ति अन्य मूर्तियों की तुलना में थोड़ी महंगी है। मूर्ति विक्रेता सतेंद्र का कहना है कि ग्राहकों को पगड़ी वाले, चौक वाले और छतरी वाले, आसन वाले गणेश जी ज्यादा पसंद आ रहे हैं। मिट्टी की मूर्तियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। वर्षों बाद ऐसा संयोग

इस बार गणेश चतुर्थी स्वाती नक्षत्र में मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य स्वाती नक्षत्र एवं गुरुवार के शुभ योग को गुरु स्वाती योग भी कहते हैं। इस तरह का योग वर्षो बाद आया है। गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 बजे से दोपहर 1:32 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा मुहूर्त शाम 4:40 से 6:12 बजे तक रहेगा। ये चाहिए पूजन सामग्री

गणेश जी की पूजा करने के लिए चौकी या पाटा, जल कलश, लाला कपड़ा, पंचामृत, रोली, मोली, लालचंदन, जनेऊ, ¨सदूर, चांदी का वर्क, गंगाजल, लाल फूल, माला, इत्र, मोदक, लड्डू, सुपारी, लौंग इलायची, नारियल, फल, दुर्वा, दूब, पंचमेवा, घी का दीपक, कैथा अगरबत्ती और कपूर आदि सामान चाहिए।

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