बुलंदशहर, जेएनएन। छतारी क्षेत्र के कनैनी गांव वेदरामपुर निवासी जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम गांव पहुंचा। परिजनों ने रात होने की बात कहकर अंतिम संस्कार नहीं किया। शनिवार सुबह जवान को शहीद का दर्जा देने समेत कई मांगों को लेकर परिजन अंतिम संस्कार करने से इंकार करने लगे। काफी देर बाद विधायक और अधिकारियों के समझाने पर जवान के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।  

लेह में हुई थी मौत
फौजी बृजेश चौधरी की बीते मंगलवार को लेह में माउंटेन डिवीजन के हथियार डिपो में हुए विस्फोट के दौरान मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम गांव पहुंचा था। सुबह गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए। परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि बृजेश को शहीद का दर्जा नहीं मिला है। जब तक उनके पास शहीद का दर्जा मिलने का कोई आदेश नहीं आ जाता, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

भाई को नौकरी की मांग
इसके अलावा परिजन गांव में शहीद स्मारक बनवाने, जवान के भाई को नौकरी आदि मांग की भी कर रहे हैं। हालांकि बुलंदशहर सांसद डा. भोला सिंह, शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा और एसडीएम इंद्रनंदन सिंह परिजनों को समझाने में जुटे रहे। आखिरकार समझाने पर परिजन अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।

Posted By: Ashu Singh

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