बुलंदशहर: बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के समायोजन को लेकर उठे सवाल बीएसए की नजर में आ गए हैं। उन्होंने समायोजन प्रक्रिया को नियमानुसार बताते हुए कुछ खामियां होना स्वीकार किया है। शिक्षक संगठनों द्वारा गिनाई शिकायतों के निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।

समायोजन प्रक्रिया जून माह में शुरू हो गई थी। हालांकि इसे गति जुलाई व अगस्त माह में मिली। अगस्त में काउंसि¨लग हुई तो शिक्षकों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। बेसिक शिक्षा विभाग ने डीएम के आदेश पर अगले आदेश तक प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इतना नहीं, विभाग ने गेंद डीएम के पाले में फेंककर शिक्षकों की शिकायतों से छुटकारा ले लिया। शिक्षक इस इंतजार में रहे कि डीएम स्तर से सूची तैयार की जा रही है, लेकिन बीएसए कार्यालय के बंद कमरे में सूची तैयारी होती रही। बीते सोमवार को विभाग ने गुपचुप तरीके से सूची जारी कर शिक्षकों को पत्र जारी कर दिए।

मंगलवार को जिले के तमाम शिक्षक संगठनों पर समायोजन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एक स्वर में विरोध शुरू कर दिया। बीएसए व डीएम को तमाम अनियमितता गिनाते हुए सुधार की मांग की। बुधवार को भी यूनाईटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा. दिनेश अग्रवाल समेत कई शिक्षक शिकायत लेकर बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए ने अपने आपको घिरा देखा तो वह बैकफुट पर आ गए। उन्होंने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि समायोजन नियमानुसार किया गया है। इसके बाद भी लगता है कि कुछ खामियां हो गई हैं। इन खामियों व शिक्षकों की शिकायतों के निस्तारण हेतु बीईओ समय ¨सह नागर, चंद्रभूषण व प्रकाश ¨सह की समिति को जिम्मेदारी सौंपी है। शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। दिव्यांग व आपसी सहमति वाले शेष

बीएसए ने बताया कि अभी दिव्यांग व आपसी सहमति से एक-दूसरे के स्कूल में तैनात वाले शिक्षकों का समायोजन शेष है। किसी दिव्यांग शिक्षक का गलती से दूर के स्कूल में समायोजन हो गया है, तो उसमें संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा जो शिक्षक एक-दूसरे के स्कूल में आपसी सहमति से तैनाती ले सकते हैं, उन्हें भी मौका दिया जाएगा। नहीं रहा एक भी एकल स्कूल

जिले में पांच सौ से अधिक शिक्षकविहीन व करीब एक हजार एकल स्कूल थे। करीब 500 शिक्षकों का समायोजन हुआ और 729 नये शिक्षक आए। बीएसए ने बताया कि इनमें से अधिकतर को शिक्षकविहीन और एकल स्कूल में भेजा गया। एकल स्कूल में एक-एक और शिक्षकविहीन स्कूलों में दो-दो शिक्षक भेजे हैं। वर्तमान में एक भी स्कूल शिक्षकविहीन या एकल नहीं है।

Posted By: Jagran