बुलंदशहर, जेएनएन। कोरोना काल में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर है। इसलिए खतरा भी सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए ही है लेकिन सावधानी और सतर्कता अपनाकर इस खतरे से बचा जा सकता है। इसको स्वास्थ्य विभाग के जिला डाटा मैनेजर विजयपाल सिंह ने साबित किया है।

स्वास्थ्य विभाग के आइडीएसपी (इंटीग्रेटिड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम) के जिला डाटा मैनेजर विजयपाल सिंह ने बताया कि उनका दफ्तर जिला अस्पताल परिसर में ही आता है। दिनभर मरीज और तीमारदारों का आना-जाना रहता है। इसके साथ ही वह डाटा कलेक्ट भी करते हैं। उनके आफिस से ही लोग कोरोना की रिपोर्ट लेने के लिए आते हैं। ऐसे में संक्रमित होने का खतरा रहता है। जिले में जब पहला पॉजिटिव मरीज मिला तो पूरे विभाग में हड़कंप मचा। तरह-तरह की अफवाहों ने मन में तरह-तरह की शंकाएं पैदा कर दी। कोरोना आने के पहले से अब तक वह लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। कई बार जिला अस्पताल में भी जाना पड़ता है। विभाग के सीएमओ और चार-चार एसीएमओ संक्रमित हो गए लेकिन ऐसी एहतियात बरती कि कोरोना वायरस से बचे रहे। अब लाकडाउन के बाद अनलाक शुरू हुआ तो मरीजों ने घरों से निकलना शुरू किया। सड़क से अस्पतालों तक में संक्रमित लोग घूम रहे हैं। ऐसे में मरीजों के बीच रहकर भी स्वयं को संक्रमण से बचाना बड़ी चुनौती है लेकिन एहतियात और नियमों का पालन कर बचा जा सकता है। नियमित मास्क पहनकर अस्पताल में रहते हैं। शारीरिक दूरी पालन जरुर करते हैं। खाली पेट घर से ड्यूटी पर नहीं आते हैं। सैनिटाइजर भी रखते हैं। गाइडलाइन का पालन किया। नियमित सुबह को व्यायाम भी करते हैं। इनका कहना है कि इन्ही नियमों का सभी पालन करें तो कोरोना से बचे रहेंगे।

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