बुलंदशहर, जेएनएन। वेस्ट यूपी के खौफ मुकीम काला को गिरफ्त में लेने को शामली एसओजी दिन रात जुटी थी। उस समय एसओजी प्रभारी वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक औरंगाबाद इंस्पेक्टर सचिन मलिक थे। एसओजी प्रभारी सचिन मलिक मुकीम काला के काफी करीब पहुंच गए थे, इसी दौरान एसटीएफ मेरठ ने मुकीम काला को दिल्ली-नोएडा के पास से गिरफ्तार कर लिया। कई मामलों को लेकर एसओजी प्रभारी सचिन मलिक मुकीम काला से मेरठ पुलिस लाइन में पूछताछ करने गए तो उसने अपने तेवर दिखाए। सचिन मलिक ने मुकीम की पुलिस लाइन में ही जमकर ठुकाई की और चेतावनी दी थी कि सब करना पर पुलिस से आंखे मत मिलाना। उनकी पिटाई व चेतावनी का यह वीडियो वायरल होने पर काफी चर्चाओं में रहा था।

मुकीम काला को शामली के कैराना में पलायन का गुनाहगार माना जाता है। कैराना- कांधला से मुकीम के खौफ के कारण चार सौ से ज्यादा परिवार घर-बार छोड़कर चले गए थे। पलायन का मुद्दा देश-विदेश तक चर्चाओं में आया तो प्रदेश सरकार ने मुकीम की घेराबंदी में पूरी ताकत लगा दी। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसओजी प्रभारी सचिन को मुकीम को पकड़ने का टास्क दिया गया। इंस्पेक्टर सचिन मलिक व राजकुमार शर्मा मुकीम की तलाश में दिन-रात दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड व राजस्थान भटकते रहे। इंस्पेक्टर सचिन मलिक बताते है, मुकीम बेहद शातिर बदमाश है। बड़े लोगों के संरक्षण के कारण वह लगातार पुलिस को गच्चा देता रहा। कई बाद ऐसा वक्त आया जब मुकीम और उनमें चंद कदमों का फासला रहा लेकिन वह चकमा देने में कामयाब रहा। जिस दिन मुकीम काला को एसटीएफ ने पकड़ा उसकी लोकेशन शामली पुलिस के पास भी थी। उनके पहुंचने से पहले ही एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। सचिन मलिक बताते है मुकीम काला कितना शातिर व निडर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब मेरठ पुलिस लाइन में उससे पूछताछ करने लगे तो उसने मरोड़ दिखायी। इस पर गुस्साएं टीम ने उसे पुलिसिया पाठ पढ़ाया तो उसकी हेकड़ी निकल गयी। वह गिड़गिड़ाने लगा, जान की खैर मांगने लगा। इसी दौरान उसे कहा गया था कि सब कुछ करना पुलिस से आंखे मिलाकर बात मत करना। वह बताते है, मुकीम बहुत शातिर गैंगस्टर था। जेल से ही वह अभी भी अपने गैंग को आपरेट कर रहा था। मुकीम की मौत से वेस्ट यूपी खासकर कैराना, कांधला, शामली और सहारनपुर में अपराध में कमी आएगी।