ककोड़ (बुलंदशहर): चचोई- रूपबास गांव के प्राथमिक विद्यालय की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। कक्षा में पढ़ रहे बच्चे बाल-बाल बचे। आक्रोशित अभिभावकों का कहना है, भवन की मरम्मत होने तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

चचोई रूपबास के प्राथमिक स्कूल में बने तीन कमरों में करीब 40 बच्चे पढ़ते हैं। पुरानी इमारत की छत व दीवारें दरक रही हैं। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अचानक एक कमरे की छत का प्लास्टर गिरने लगा तो कक्षा तीन के दर्जनभर बच्चे शोर मचाते हुए बाहर भागे।

शिक्षक व प्रधानाध्यापक ब्रह्मा ¨सह ने बच्चों को दूसरी कक्षा में बैठाया। विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और भवन में सुधार होने तक बच्चों को स्कूल भेजने से इन्कार कर दिया। कहा, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों व शिक्षकों की जान को खतरा बना है।

प्रधानाध्यापक ब्रह्मा ¨सह का कहना है, बरसात की नमी के कारण प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण मरम्मत कार्य नहीं हो सका। स्कूल समेत आंगनबाड़ी केंद्र तक जर्जर

सिकंदराबाद: क्षेत्र में स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी जर्जर अवस्था में हैं। नगर के रामपुरा मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर छह व सात की हालत कई वर्ष से खराब है। दोनों स्कूल के बच्चे एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ते हैं। तीन कमरों की छत बदहाल है। चार दिन पूर्व प्राथमिक स्कूल, रिटौली में वर्षो पुराने आंगनबाड़ी केंद्र की एक दीवार धंसने से अलमारी गिर गई थी। गनीमत थी कि बच्चे चंद मिनट पहले की केंद्र से पोषाहार लेकर बाहर निकले थे। इन्होंने कहा..

प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर होने के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया चुका है।

महेश पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी

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