बुलंदशहर, जेएनएन। चोला क्षेत्र के किसानों की पंचायत में प्रशासन पर यूपीएसआईडीसी के नाम पर जमीनों पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जमीनों पर बिना मुआवजा जबरन कब्जे की कोशिश की तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। सर्किल रेट के चार गुना मुआवजा नहीं मिलने तक जमीन पर कब्जा नहीं दिया जाएगा।

शहबाजपुर गांव में बुधवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों की पंचायत हुई। चोला क्षेत्र के गांवों अलावा आसपास के गांवों के किसानों ने भी पंचायत में पहुंचकर समर्थन दिया। अध्यक्षता कर रहे प्रेमपाल सिंह ने कहा कि कोरोना काल का लाभ उठाकर प्रशासन उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारी गांव-गांव जाकर चोला क्षेत्र के किसानों के नामों की सूची तैयार कर रहे हैं। जमीन से कब्जा छोड़ने की चेतावनी दे रहे हैं। पाचौता गांव निवासी रोहताश यादव ने कहा कि जब तक सरकार उन्हें सर्किल रेट का मुआवजा नहीं देती, तब तक जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व में यूपीएसआईडीसी से जिन किसानों ने मुआवजा लिया है, वह मुआवजा किसानों ने मजबूरी वश पेशगी रूप में लिया है। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन अंग्रेजों की नीति से किसानों में फूट डालकर जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। पंचायत में किसानों ने प्रशासन की किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार रहने और सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा लिए बगैर जमीन पर कब्जा नहीं होने को लेकर सहमति बनी। संचालन रणवीर यादव ने किया। राम कैलाश यादव, राजपाल यादव, केशाराम भाटी, बथुवा यादव, धर्मपाल, उदयवीर, भंवर सिंह, प्रकाश, बेगराज, महेंद्र, उदयवीर, वीरेंद्र, धर्मवीर समेत दर्जनों क्षेत्र के गांवों से आए किसान मौजूद रहे।

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