बुलंदशहर : प्रदेश के स्टांप व न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर बम से हमले के मास्टर माइंड राजेश पायलट की मंगलवार देर रात इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। राजेश को इसी साल फरवरी में इलाहाबाद की नैनी जेल से बुलंदशहर जेल में स्थानांतरित किया गया था।

जुलाई 2010 में नंदगोपाल गुप्ता नंदी पर इलाहाबाद में मंदिर जाते समय हमला कर दिया गया था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय नंदगोपाल गुप्ता नंदी बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। इसका मुकदमा इलाहाबाद कोतवाली में राजेश पायलट उर्फ आनंद शांडिल्य उर्फ अन्नू पुत्र मोहनलाल निवासी इंद्राकक्ष थाना टिमरनी, जिला हरदा मध्यप्रदेश के खिलाफ दर्ज हुआ। राजेश पायलट को नंदी पर हमले का मास्टर माइंड बताया गया था। इलाहाबाद पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार करने के बाद नैनी जेल में भेज दिया था। बताया गया है कि नैनी जेल में राजेश पायलट पर कातिलाना हमला हुआ था, जिसके बाद 17 फरवरी 2018 को उसे बुलंदशहर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

बुधवार को बुलंदशहर जेल अधीक्षक ओपी कटियार ने बताया कि दो सितंबर को चक्कर आने के बाद राजेश पायलट बैरक में बेहोश होकर गिर गया था। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उसी दिन पुलिस सुरक्षा में मेरठ मेडिकल कालेज कालेज रेफर कर दिया था। दो सितंबर की रात में ही राजेश पायलट को मेरठ से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जेल अधीक्षक के मुताबिक सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार रात करीब एक बजे ब्रेन हेमरेज के कारण राजेश पायलट की मौत हो गई।

Posted By: Jagran