बुलंदशहर, जेएनएन। जिला कारागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता पूर्ण कालिक सचिव सुमन तिवारी ने की।

उन्होंने जिला कारागार में बंद महिलाओं को उनके अधिकार और सरकार से मिलने वाली निशुल्क चिकित्सा से अवगत कराया। साथ ही पैरवी के लिए मिलने वाले निशुल्क वकीलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा एडीआर भवन में आयोजित होने वाले मध्यस्थता केंद्र में उपस्थिति वादकारियों को टेली ला स्कीम के तहत प्राप्त होने वाली विधिक सहायता, गरीबी उन्मूलन, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के बारे में बताया। शिविर में अधिकारियों को वैवाहिक विवादों को निपटाने के लिए वादियों को समय से नोटिस भिजवाने के निर्देश दिए। इस दौरान संबधित अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी: अवधेश

बुलंदशहर, जेएनएन। गुलावठी में देवनागरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'योग के माध्यम से जीवन में बदलाव' विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय माकड़ौन इंदौर के कार्यवाहक प्राचार्य डा. नमन सारस्वत रहे। उन्होंने कहा कि योग मनुष्य की आंतरिक प्रकृति को बाहरी प्रकृति के साथ जोड़ता है। योग का इतिहास मानव जीवन जितना पुराना है। उन्होंने पतंजलि के योग के चार पथों समाधि, साधना व विभूति तथा कैवल्य पथ का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि अनुशासन ही योग है। मानव जीवन में अनुशासित रहकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पतंजलि के अष्टांग योग में यम को मानव जीवन में व्यवहारिक बताया। डीएनपीजी कालिज गुलावठी के प्राचार्य प्रो. योगेश कुमार त्यागी ने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रियाओं का अभ्यास ही नहीं है। यह मन को नियंत्रित करने तथा उसके माध्यम से अपने आपको जानने का प्रयास है। मुख्य संयोजक शारीरिक शिक्षा विभाग के असिस्टेंट प्रो. अवधेश कुमार सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया। पीयूष त्रिपाठी, डा. पुष्पेंद्र कुमार मिश्र, विनीता गर्ग, डा.विनय कुमार सिंह, संदीप कुमार सिंह, भवनीत बत्रा, नवीन तोमर व कृष्ण कुमार आदि उपस्थित रहे।

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