बुलंदशहर, जेएनएन। खुर्जा में रामलीला मैदान इस वर्ष भी सूना रहेगा। क्योंकि कमेटी ने कम संख्या की अनुमति होने के कारण रामलीला का मंचन नहीं करने का निर्णय लिया है। उधर अगर अनुमति मिली, तो रावण के पुतले का दहन हो सकता है।

खुर्जा नगर में होने वाली रामलीला में हजारों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु उमड़े हैं, लेकिन कोरोना के चलते बीते वर्ष रामलीला का मंचन नहीं हो सका था। अब कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद मंचन होने की उम्मीद थी, लेकिन इसको लेकर कमेटी द्वारा बीते दिनों बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या मंचन के दौरान अधिक उमड़ने के कारण कोरोना गाइडलाइन का पालन होना संभव नहीं है। जिस कारण बीते वर्ष की तरह ही मंचन नहीं करने का कमेटी ने निर्णय लिया है। ऐसे में अब पिछले वर्ष की तरह ही छोटी होली स्थित गंगा मंदिर में श्रीरामायण का पाठ किया जाएगा। साथ ही मेले का आयोजन भी नहीं होगा। हालांकि अगर दशहरा वाले दिन कमेटी को अनुमति मिल जाती है, तो रावण के पुतले का दहन किया जा सकता है। उधर कमेटी के प्रधान उमाशंकर ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन के अनुसार रामलीला का मंचन कराना और मेला लगाना संभव नहीं है। जिस कारण बीते वर्ष की तरह ही गंगा मंदिर में श्रीरामायण का पाठ किया जाएगा।

ट्वीटर पर टिप्पणी करने वाले के खिलाफ मुकदमा

खुर्जा। शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर ट्वीटर की पोस्ट वायरल हुई। जिसमें मोहम्मद अली नाम के ट्वीटर होल्डर ने अपने अकाउंट से हिदू धर्म के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की। जिसमें लिखा कि वह अपनी तरफ से लाख रुपये और खुर्जा में 50 गज का मकान भी दूंगा। अगर हिदू धर्म के परिवार में से एक लोग इस्लाम कबुल कर लें। जिससे हिदू धर्म की भावना आहत हुईं। मामले में एसएसआइ संदीप कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि आरोपित की तलाश की जा रही है। लोकेशन के आधार पर टीम उसे पकड़ने नोएडा गई है। हालांकि वह अभी पकड़ में नहीं आ सका है।

Edited By: Jagran