बुलंदशहर, जेएनएन। पश्चिमी विक्षोभ के चलते गुरुवार को मौसम एक बार फिर से बदल गया। सुबह से शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। दिनभर बादल भी आसमान में छाए रहे। बारिश से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अगले दो दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान है।

बारिश से गुरुवार दिन का अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 15 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सर्दी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम का मिजाज बिगड़ने से व्यापारियों को भी दिक्कत हुई। शाम करीब चार बजे कुछ मिनट के लिए फिर से कुछ देर के लिए धूप निकली। मौसम विभाग के मुताबिक अगले शुक्रवार और शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। रुक-रुककर दिनभर हुई बारिश से शहर में कीचड़ उठ गया। जहां-जहां सीवरेज लाइन की खोदाई से मिट्टी सड़क पर पड़ी है या सड़कें खोदी गई हैं। कीचड़ व जलभराव से व्यापारियों और स्कूली बच्चों को परेशानी हुई।

फसलों को लाभ

जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि हल्की बारिश को किसान फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। यदि और कोहरा पड़ा तो सब्जी की फसलों को नुकसान हो सकता है। गेहूं और गन्ना आदि फसलों को बारिश से ज्यादा लाभ होने का अनुमान है।

स्कूली बच्चे भी जलभराव से निकलने पर हो रहे मजबूर

संवाद सूत्र, सिकंदराबाद : बारिश ने गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई। पहले से ही जलभराव से जूझ रहे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। जलनिकासी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ा है, लेकिन इस ओर संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मोहल्ला चौधरीबाड़ा, सलेमपुर रोड, गोरखी, सरायझाझन, रामपुरा, खत्रीबाड़ा समेत अन्य इलाके ऐसे हैं, जहां पानी भरा है। मोहल्ला चौधरीबाड़ा के निवासियों का कहना है कि उन्हें समस्या का स्थायी निदान चाहिए, क्योंकि जलभराव से बीमारियां बढ़ सकती हैं। मोहल्ले एक सरकारी स्कूल समेत अन्य तीन स्कूल है। ईओ संजीवनराम यादव ने बताया कि जहां भी जलभराव है।

Posted By: Jagran

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