बुलंदशहर

ये तो लापरवाही की हद हो गई, लोगों से जलकर वसूलने वाली नगरपालिका बीते एक साल से बिना क्लोरीन के ही शहरवासियों को पानी पिला रही है। जबकि सभासद कई बार बोर्ड बैठक में इस समस्या को उठाने के साथ ही व्यक्तिगत भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है। कठोर और दूषित पानी पीने से व्यक्ति को पेट संबंधी बीमारियां घेर रही हैं। पालिका के स्टोर में एक साल से क्लोरीन खत्म है।

शहर के 48 हजार लोग नगरपालिका को प्रतिमाह जलकल देते हैं। इसमें घरेलू और व्यवसायिक दोनों उपभोक्ताओं से अलग-अलग दर से जलकर वसूला जाता है। बावजूद इसके बीते एक साल से नगरपालिका शहरवासियों को बिना क्लोरीन के ही पानी सप्लाई कर रही है। शहरवासियों की प्यास बुझाने वाले 37 नलकूप और 12 ओवरहेड टैंक में से किसी पर भी क्लोरीनेशन नहीं हो रहा है। पालिका की लापरवाही का ये आलम तो तब है जबकि सभासद सुनील शर्मा उर्फ टीटू और ऋषिपाल ¨सह तीन बार बोर्ड बैठक में पानी में क्लोरीन न मिलाए जाने की शिकायत कर चुके हैं। जलकल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक स्टोर में क्लोरीन न होने के कारण डोजर खाली पड़े हुए हैं। पानी में क्लोरीन का मिश्रण करने के लिए ट्यूबवेल के निकासी पाइप पर डोजर लगाए जाते हैं। कई मोहल्लों में तो पाइप लाइन फूटने के कारण दूषित पानी तक की सप्लाई हो रही है। क्लोरीन की समस्या को न तो अधिकारी देख रहे हैं और नहीं अन्य सभासद इस पर बोलने को तैयार हैं। समाजसेवी हरी अंगीरा का कहना है कि पालिका के पानी का कोई भरोसा नहीं है। इसलिए अधिकांश लोग आरओ लगवा रहे हैं।

हेपेटाइटिस और कैंसर तक का खतरा

-जिला अस्पताल फिजीशियन डा. चंद्रप्रकाश का कहना है कि शरीर को सबसे ज्यादा आवश्यकता पानी की ही होती है। पानी दूषित हो तो बीमारियां घेर लेती हैं। क्लोरीन पानी की कठोरता को कम कर देता है। दूषित पानी पीने से व्यक्ति को पेट संबंधी बीमारियां हो जाती हैं। पानी दूषित या कठोर हो तो व्यक्ति को किडनी फेल, पेट खराब, पथरी हो सकती है। हेपेटाइटिस और कैंसर तक हो सकता है। ये है क्लोरीन

-क्लोरीन एक रासायनिक तत्व है, यह साधारण नमक में उपस्थित होता है और सागर के जल में घुले लवण में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। सामान्य तापमान और दाब पर क्लोरीन गैस के रूप में पायी जाती है। इसका प्रयोग तरणतालों को कीटाणुरहित बनाने में किया जाता है। पानी को क्लोरीन से साफ करना बहुत आवश्यक है। -इंफो

37 नलकूप हैं पालिका के

12 ओवरहेड टैंक करते हैं पानी की सप्लाई

48 हजार उपभोक्ता प्रतिमाह पालिका को देते हैं जलकर क्लोरीनेशन कराएंगे

-पानी का क्लोरीनेशन क्यों नहीं हो रहा है इसका पता कराएंगे और पानी में क्लोरीन का मिश्रण कराएंगे। बिना क्लोरीन पानी सप्लाई तो लापरवाही है।

-सर्वेश कुमार गुप्ता-सिटी मजिस्ट्रेट

Posted By: Jagran

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