जेएनएन, बुलंदशहर। कोरोना वैक्सीन के बीच एक बार फिर आम शहरियों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है। बाजार हो या कोई सरकारी दफ्तर हर जगह कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाई जा रही है। टीकाकरण को लेकर भी सरकारी कर्मचारियों में अजीब सा डर है, जिसकी वजह से जिम्मेदार लोग परेशान हैं। जानकार मान रहे हैं कि यदि लोगों ने इसी तरह लापरवाही जारी रखी तो फिर से महाराष्ट्र की तरह ही हालात बिगड़ न जाएं।

जिले में कोरोना संक्रमण से अब तक 94 लोगों की जान चुकी है जबकि संक्रमण की चपेट में 6259 लोग आ चुके हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन हो रहे कोरोना के दो हजार टेस्ट के बावजूद संक्रमित मरीजों की कम पुष्टि हो रही है। इससे जिला प्रशासन राहत की सांस तो जरूर ले रहा है लेकिन कोरोना टीकाकरण को लेकर जिस तरह से सरकारी कर्मचारी लापरवाही बरत रहा है, वह नुकसानदायक हो सकता है। सोमवार को ही अग्रिम पंक्ति के वर्करो में मात्र 24 प्रतिशत लोग ही टीकाकरण के लिए पहुंचे। सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया कि, कोरोना वैक्सीन लगने का मतलब यह नहीं कि सभी मास्क बिना घूमे और दो गज की दूरी का पालन जरूर करें। जागरण के माध्यम से उन्होंने अपील की कि कोरोना का टीका लगने से किसी को भी कोई साइड इफेक्ट नहीं हो रहा है, इसलिए जिसके पास भी मैसेज पहुंच रहा है, वह बेधड़क नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर पहुंच कर टीका जरूर लगवाए। उनका मानना है कि संभवत: लोगों की लापरवाही की वजह से ही कई राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ने लगे हैं। इसलिए कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें और स्वयं के साथ-साथ अपने स्वजनों को इस बीमारी से बचाएं।

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