बुलंदशहर, जेएनएन। नए आधार कार्ड बनवाने और पुराने कार्डो में संशोधन करने के लिए क्षेत्र के लोग इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद भी कस्बे में आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था नहीं की गई है।

छतारी कस्बे स्थित डाकघर में सिर्फ एक आधार कार्ड सेंटर को अधिकृत किया गया था, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते डाकघर में न तो आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं और न ही आधार कार्डो में किसी प्रकार का कोई संशोधन हो रहा है। जबकि सरकार ने राशन कार्डो व बच्चों के विद्यालयों में नामांकन के दौरान पारदर्शिता के ²ष्टिकोण से आधार नंबर देना अनिवार्य कर रखा है। हालांकि पूर्व में सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाने का कार्य निजी एजेंसियों को दिया गया था। जिसके चलते गांव व कस्बे में जगह-जगह आधार कार्ड केंद्र संचालित होने लगे। एजेंसियों द्वारा गड़बड़ी किए जाने व मनमाना शुल्क की शिकायत पर शासन ने बैंकों व डाकघरों में जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन यहां डाकघर में आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। ऐसे में कस्बा समेत देहात के लोग परेशान हैं। लोग आधार कार्ड में संशोधन और नए आधार कार्ड बनवाने के लिए खुर्जा, बुलंदशहर, शिकारपुर आदि जगह जाने को मजबूर हैं। शिकायतों के बावजूद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बोले लोग...

आधार कार्ड बनाए जाने की कस्बे में व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे लोगों को भटकने के लिए मजबूर ना होना पड़े। क्योंकि आधार कार्ड अब हर जगह मांगा जाता है।

--कौशल पंडित, कस्बा छतारी। आधार कार्ड में संशोधन और नए आधार कार्ड बनवाना मुश्किल हो रहा है। कस्बा में कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण बुलंदशहर तक की भागदौड़ बढ़ गई है।

--राजेंद्र सिंह बैरमनगर। इन्होंने कहा..

लोगों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। जिससे उन्हें आधार कार्ड बनवाने के लिए दूर ना जाना पड़े।

--आशीष कुमार, एसडीएम शिकारपुर।

Edited By: Jagran