बुलंदशहर, जेएनएन। गोवंश के अवशेष मिलने के बाद बुलंदशहर में हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह व एक युवक सुमित की हत्या के मामले में वांछित विशाल त्यागी ने कल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में वांछित लोगों की जो सूची जारी की थी उसमें विशाल त्यागी के स्थान पर दूसरे विशाल त्यागी की तस्वीर लगा दी थी।

पहले उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया था। विशाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। फरार चल रहे अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी व पुलिस की टीमों ने जिले के बाहर भी दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली। दबाव बनाने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी ले रखा है।

बुलंदशहर हिंसा के आरोपी विशाल त्यागी ने कल कोर्ट में सरेंडर किया। विशाल त्यागी पुत्र सुरेंद्र त्यागी निवासी मोहल्ला पट्टी नहर स्याना ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। माना जा रहा है कि कुछ अन्य आरोपित भी कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। इनमें योगेश राज भी हो सकता है। विशाल समेत 18 आरोपित जेल जा चुके है। विशाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने विशाल त्यागी के कोर्ट में सरेंडर की पुष्टि करते हुए कहा कि विशाल त्यागी हिंसा का आरोपी था और उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के नोटिस जारी थे। पुलिस को उसकी तलाश थी। उसके सरेंडर करने के बाद अब इस मामले में अब तक 18 लोग जेल जा चुके है। पुलिस इसमें मुख्य आरोपी योगेश राज के साथ बाकी आरोपियों की तलाश भी कर रही है। इनमें से कई के घर पर कुर्की की नोटिस भी चस्पा की गई है।

दो दिन पहले पुलिस के पोस्टर में हमनाम की फोटो को लेकर सुर्खियों में आये बुलंदशहर हिंसा के आरोपी विशाल त्यागी ने कल बुलंदशहर की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने विशाल की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन पहले गैर जमानती वारंट के नोटिस चस्पा किये थे। मगर कोर्ट में पुलिस की कड़ी चौकसी को चकमा देकर विशाल त्यागी जेल चला गया। विशाल बजरंग दल का अखाड़ा प्रमुख है।

बुलंदशहर की सीजेएम कोर्ट में कल सुबह से ही विशाल त्यागी के सरेंडर करने की चर्चा जोरों पर थी। वहां पर पुलिस और पीएसी की तैनाती ज्यादा स्थानों पर की गई और सभी को चौकस रहने के आदेश दिये गये थे। वहां कोर्ट के गेट पर भी बिना चेकिंग प्रक्रिया कड़ी कर दी गई थी। मगर इस मुस्तैदी के बाबजूद बुलंदशहर हिंसा कांड का आरोपी संख्या दो विशाल त्यागी सीजेएम की कोर्ट तक जा पहुंचा। वकील की मदद से उसने कोर्ट में याचिका देकर आत्मसमर्पण कर दिया। विशाल त्यागी के चाचा योगेन्द्र ने बताया कि वह चार महीने से गाजियाबाद में हमारे साथ रह रहा था और स्याना के एक डिग्री कालेज से एलएलबी कर रहा था। गाजियाबाद आ जाने के बाद से राजनैतिक कार्यक्रमों में भागीदारी भी छोड़ दी थी। इसके इतर बुलंदशहर बजरंग दल से जुड़े एक बड़े नेता के मुताबिक विशाल अखाड़ा प्रमुख था।

योगेश अभी भी पकड़ से बाहर

तीन दिसंबर को गोकशी के विरोध में चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास खूनी बवाल हुआ था। स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी गांव निवासी सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज समेत 27 नामजद व 60 अज्ञात बलवाइयों पर मुकदमा दर्ज किया था। इनकी गिरफ्तारी के लिए एसआइटी समेत चार टीम घटना वाले दिन से लगातार दबिश दे रही है, लेकिन पुलिस अभी योगेश राज को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 

दो सप्ताह बाद भी बाजार में सन्नाटा

बवाल के दो सप्ताह बाद भी ढाबों व दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। ढाबा स्वामी राणा लोधी ने बताया कि घटना से पहले आसपास के गांवों से काफी संख्या में लोग आते थे लेकिन अब पुलिस के डर के कारण लोगों का आना बंद सा हो गया है। यही हाल हाईवे किनारे बने अन्य ढाबों व दुकानों का भी है।

पुलिस ने जारी किया बलवाई का फोटो 

स्याना बवाल के आरोपितों की शिनाख्त के लिए पुलिस लगातार बवाल की वीडियो खंगाल रही है। कल देर शाम पुलिस ने ङ्क्षहसा की मिली एक वीडियो के आधार पर एक और आरोपित की फोटो शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर जारी किया है। पुलिस अभी फोटो में दिख रहे बवाली की शिनाख्त नहीं कर पाई है। इस हिंसा में एसआइटी ने भी पहचान के लिए लोगों से मदद मांगी है। 

पुलिस ने आरोपी विशाल के बजाय लगा दिया था हमनाम का फोटो

बुलंदशहर पुलिस ने पांच दिन पहले आरोपियों का पोस्टर जारी किया था। इस पोस्टर के दूसरे आरोपी के तौर पर विशाल त्यागी का नाम सुरेन्द्र सिंह वल्दियत के साथ दर्ज था। थाना पुलिस और एसआईटी विशाल की सही तौर पर पहचान नहीं कर पाई। विशाल के फोटो के स्थान पर उसके नाम वाले विशाल त्यागी का फोटो लगा दिया गया जो एक ब्लडबैंक का कर्मचारी था और शिकारपुर के हिरनौट गांव का मूल निवासी है। बुलंदशहर हिंसा के घटनास्थल से आरोपी के नाम वाले विशाल का घर करीब 35 किमी दूर है। पीडि़त ने एडीजी मेरठ से इस संबध में शिकायत की तब पुलिस ने फोटो आरोपियों के पोस्टर से हटाया।

 

Posted By: Dharmendra Pandey

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