बुलंदशहर, जेएनएन। गोवंश मिलने की सूचना पर बवाल कैसे हुआ, किसने कोतवाल को गोली मारी और कौन कोतवाल की लाइसेंसी पिस्टल छीनकर ले गया। भीड़ को उकसाने वाला कौन था और गोली किस एंगल से मारी गई थी।

इन सब सवालों की तह तक पहुंचने को पुलिस स्याना बवाल का सीन रीक्रिएट करेंगी। यह सब जीतू फौजी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम के लौटने पर होगा। बवाल का सीन रीक्रिएट करने के लिए पुलिस अभी तक सोशल मीडिया व पब्लिक से मिले वीडियो को खंगाल रही है। तीन दिसंबर को हुए बवाल की तह तक जाने के लिए अधिकारियों ने प्रयास शुरू कर दिया है। इसके तहत एसआइटी, फोरेंसिक व बैलेस्टिक टीम घटनास्थल की जांच करा चुकी हैं, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इतनी सब जांच होने के बाद भी अब पुलिस अधिकारी बवाल का सीन रीक्रिएट करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले पुलिस स्थानीय लोगों के बयान लेगी व सभी वीडियो फुटेज देखने के बाद सीन रीक्रिएट करेगी।

एसपी सिटी डा. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि बवाल की वीडियो फुटेज खंगालने के बाद अज्ञात में बलवे में दर्शाए गए पांच आरोपित चंद्रपाल निवासी महाव गांव, रोहित निवासी बरौली गांव, सोनू निवासी नयाबांस गांव, जितेंद्र उर्फ लाला गुर्जर निवासी चिंगरावठी गांव व कुलदीप त्यागी निवासी थल इनायतपुर गांव को गिरफ्तार किया गया है।

गोवंशों को आम के बाग में काटा गया

एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर की जांच रिपोर्ट में नया तथ्य प्रकाश में आया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गोवंशों को आम के बाग में काटा गया था। इसके बाद अवशेषों को गन्ने के खेत में फेंका गया था। इस रिपोर्ट में घटना के पीछे गहरी साजिश भी बताई गई है। तीन दिसंबर को स्याना थाना क्षेत्र के महाव गांव में गोवंशों के अवशेष मिलने को लेकर हुए खूनी बवाल की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी इंटेलिजेंस को लखनऊ से भेजा था।

इसकी रिपोर्ट उन्होंने शासन को सौंप दी है। बताया गया कि रिपोर्ट में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गोवंश का कटान आम के बाग में हुआ था, जिसके बाद अवशेषों को पूर्व प्रधान राजकुमार के गन्ने के खेत में फेंक दिया गया था। रिपोर्ट में इस घटना के पीछे गहरी साजिश के संकेत भी दिए गए हैं। हालांकि जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गोवंश कटान किसने किया। अवशेष फेंकने के पीछे किसकी साजिश थी। अतिरिक्त पुलिस फोर्स के समय पर न पहुंचने के कारण पुलिसकर्मियों को वहां से भागकर जान बचानी पड़ी थी। रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम के साथ मौके से भागने वाले पुलिसकर्मियों की जानकारी दी गई है।

किसके पास है कोतवाल का लाइसेंसी पिस्टल

बवाल में शहीद कोतवाल सुबोध कुमार सिंह का लाइसेंसी पिस्टल व तीन मोबाइल भी बलवाइयों ने छीन लिए थे, जिसका जिक्र पुलिस की दर्ज एफआइआर में है, लेकिन बवाल के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक लाइसेंसी पिस्टल व तीनों मोबाइलों को बरामद नहीं कर पाई है। ग्रामीणों में दबी जुबान से चर्चा होने लगी है कि कोतवाल का लाइसेंसी पिस्टल व मोबाइल पुलिस के पास ही हैं, जिन्हें किसी आरोपित की निशानदेही पर बरामद दिखाया जा सकता है।

बवाल में मारे गए सुमित के खिलाफ भी जाएगी चार्जशीट

इस बवाल में मारे गए सुमित के खिलाफ 90 दिन के अंदर चार्जशीट जाएगी। इसके बाद पुलिस लिखित में अदालत को सूचना देगी कि सुमित की मृत्यु हो चुकी है। अदालत में सूचना के बाद ही सुनवाई के दौरान सुमित का मुकदमे से नाम निकाला जाएगा। गौरतलब है कि बुलंदशहर के गांव चिंगरावठी में हुए बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के अलावा एक युवक सुमित की भी मौत हो गई थी।

बवाल के बाद जब स्याना थाने के दारोगा की तरफ से मुकदमा दर्ज हुआ तो उसमे सुमित को भी नामजद किया गया। उसके परिजन बताते रहे कि सुमित बवाल में शामिल नहीं था। वह अपने दोस्त को छोडऩे के लिए गया था। पुलिस ने एक न सुनी और उसे नामजद कर लिया। एडीजी प्रशांत कुमार से जब सुमित की नामजदगी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि सुमित के खिलाफ भी बाकी अन्य आरोपितों की तरह कोर्ट में चार्जशीट जाएगी। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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