बुलंदशहर: अवैध तरीके से बिजली की लाइन कराई शिफ्ट, ट्रांसफार्मर भी किए गायब; गंभीर आरोपों पर कार्रवाई की मांग
बुलंदशहर के खुर्जा डिविजन में विद्युत लाइनें अवैध तरीके से शिफ्ट करने और ट्रांसफार्मर गायब करने का आरोप लगा है। ...और पढ़ें

HighLights
बिजनेस प्लान में भी किया गोलमाल, प्रबंध निदेश से की मामले की शिकायत।
नोएडा निवासी शिकायतकर्ता ने खुर्जा डिविजन के अधिशासी अभियंता पर लगाए आरोप।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। अवैध तरीके से विद्युत लाइन शिफ्ट कराने के साथ ट्रांसफार्मर तक गायब कर दिए गए। बिजनेस प्लान में भी गोलमाल करने से जिम्मेदार नहीं चूके। नोएडा निवासी शिकायतकर्ता ने खुर्जा डिविजन के अधिशासी अभियंता पर यह आरोप लगाए हैं। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेश से मामले की शिकायत की है। मिलीभगत के इस खेल पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में नोएडा निवासी विपिन शर्मा ने कहा है कि खुर्जा नगर में ढाकर-सिकंदराबाद रोड पर एक नई कालोनी के लिए 250 केवीए के ट्रांसफार्मर स्वीकृत किया गया। आरोप है कि इस स्वीकृत ट्रांसफार्मर को उतरवाकर गायब कर दिया गया। इसके स्थान पर 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया। पूर्ण जमा योजना के तहत पोल, एलटी लाइन और 400 केवीए ट्रांसफार्मर मय जोड़े की शिफ्टिंग के दो आवेदन प्राप्त हुए थे।
आरोप है कि इन्हें शिफ्ट करने के लिए प्राकलन की धनराशि जमा नहीं कराई और यह ट्रांसफार्मर शिफ्ट भी करा दिए गए। बिजनेस प्लान योजना 2022-23 के तहत स्वीकृत ट्रांसफार्मर मौके पर नहीं लगाए। जबकि इसका भुगतान तक हो चुका है। इसके अलावा ग्राम बगराई में भी अवैध तरीके से लाइन शिफ्ट कराई गई। खुर्जा नगर के मोहल्ला नवलपुरा, सराय शेख आलम में बिना स्टीमेट जमा कराए लाइन और ट्रांसफार्मर शिफ्ट कराए गए हैं। 70 से अधिक निजी नलकूपों को मीटर तक नहीं लगाकर संचालित कराए जा रहे हैं।
इससे ऊर्जा निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। किसानों का उत्पीड़न करने किया जा रहा है। बिजली घर नंबर चार से आरएलओ लाइन विभक्तीकरण कार्य में सामान गायब होने और कार्य पूरा किए बिना ही कार्यदायी संस्था को पूरा किए भुगतान किया गया है।
खुर्जा डिविजन के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने बताया कि आरोप निराधार है। विभागीय षडयंत्र के तहत यह शिकायत कराई गई है। इस संबंध में मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। शिकायती पत्र मिलने पर मामले का संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
