पेड़ बना खंभा, नीचे झूलते तार: शिकायतें हजार... इससे बेखबर बिजली विभाग को क्या बड़े हादसे का है इंतजार
Bulandshahr News: बुलंदशहर के मुबारकपुर गांव में क्षतिग्रस्त हुए बिजली के तार और खंभे सड़क पर झूल रहे हैं, जिससे ...और पढ़ें

मुबारिकपुर में मुख्य सड़क के किनारे स्थित पेड़ से बांधा गया हाईटेंशन विद्युत लाइन का केबल और नीचे से गुजरता साइकिल सवार l जागरण
HighLights
बुलंदशहर में 25 दिन से लटक रहे बिजली के तार।
11 परिषदीय स्कूलों पर हाई टेंशन लाइनें अभी भी मौजूद।
बिजली विभाग की लापरवाही से बड़े हादसे का खतरा।
संवाद सूत्र, ऊंचागांव (बुलंदशहर)। जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव मुबारिकपुर में 25 दिन पूर्व बजरी से भरे ट्रक के पलटने से दो ट्रांसफार्मर और छह खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद गांव को बिजली आपूर्ति के लिए खींचे गए केबल मुख्य सड़क पर झूल रहे हैं, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
25 जुलाई को हुए इस हादसे के तीन दिन बाद, बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए ट्रांसफार्मर और पेड़ को खंभा बनाकर केबल खींचा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह केबल सड़क के ऊपर इतना नीचा है कि स्कूली बच्चे और अन्य लोग इसे छूने से बाल-बाल बच रहे हैं। बरसात के मौसम में भी बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस खतरनाक स्थिति को सुधारने की कोई कोशिश नहीं की है।
ग्रामीण लगातार अनहोनी की आशंका को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी इस मामले में कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अवर अभियंता अरविंद पटेल ने कहा कि उन्हें केबल के झूलने और पेड़ को खंभा बनाकर लगाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जानकारी प्राप्त कर केबल को पेड़ से हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि सिस्टम अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
11 स्कूलों पर लटक रही विद्युत लाइन
जिले के परिषदीय स्कूलों में हाई टेंशन विद्युत लाइन का खतरा अभी भी बना हुआ है। 11 स्कूलों से हाई टेंशन लाइन शिफ्ट नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग द्वारा ऊर्जा निगम से पत्राचार किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने पिछले साल परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन हटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी।
जिले के 104 परिषदीय स्कूलों में से 96 स्कूलों की सूची ऊर्जा निगम को दी गई थी। हालांकि, जहांगीराबाद के बीईओ ने अपने विकास क्षेत्र के स्कूलों की सूचना नहीं दी। ऊर्जा निगम अब तक केवल 93 स्कूलों से विद्युत लाइन शिफ्ट कर सका है, जबकि तीन स्कूलों से यह प्रक्रिया अभी बाकी है। इसके बाद, ऊर्जा निगम ने विभाग से और स्कूलों की सूचना मांगी।
विभाग ने बीईओ से फिर से जानकारी मांगी, जिसके परिणामस्वरूप आठ स्कूलों की सूची प्राप्त हुई। इन स्कूलों से विद्युत लाइन शिफ्ट कराने के लिए ऊर्जा निगम को पत्राचार किया गया है। अभी भी जिन स्कूलों पर हाई टेंशन लाइन का खतरा बना हुआ है, उनमें प्राथमिक विद्यालय जडौली, टिटौटा, बहेरीखेड़ा, कोठरा-कुरैना, बांसुरी, जमराऊ, जुगसाना खुर्द, बढ़ाबास, शेखूपुर, बगराई खुर्द और फिरोजपुर शामिल हैं।
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 93 स्कूलों से विद्युत लाइन शिफ्ट हो चुकी है और तीन स्कूलों से यह प्रक्रिया अभी बाकी है। निगम टेंडर प्रक्रिया पूरी कर विद्युत लाइन शिफ्ट करेगा।
