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एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! गैस कंपनियों ने आसान की कनेक्शन दान करने की प्रक्रिया, जानें नए नियम

Published: Sun, 04 Oct 2026 01:59 PM (IST)

गैस कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर और दान करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है, जिससे उपभोक्ता परिवार के सदस्यों या जरूरतमंदों को कनेक्शन दे सकेंगे।

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HighLights

  1. एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर और दान की प्रक्रिया हुई सरल।

  2. परिवार के सदस्य या जरूरतमंदों को कनेक्शन दे सकेंगे।

  3. नए कनेक्शन पर रोक, एफटीएल सिलिंडर महंगा।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। जिन उपभोक्ताओं के नाम एलपीजी कनेक्शन है, लेकिन केवाईसी नहीं होने के कारण वे उसके धारक नहीं हैं। ऐसे उपभोक्ता कनेक्शन परिवार के किसी सदस्य के नाम ट्रांसफर करा सकते हैं। इसके लिए पहली शर्त है कि जिस सदस्य के नाम कनेक्शन ट्रांसफर कराया जाना है, उसके नाम किसी भी तेल कंपनी का एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। पात्र आवेदक को केवाईसी, पहचान और रिहाइश का प्रमाण तथा एसवी (सब्सक्रिप्शन वाउचर) के साथ आवेदन करना होगा। 

उपभोक्ता द्वारा एसवी उपलब्ध नहीं किए जाने पर शपथ पत्र देना होगा। सीधे रिश्ते के मामलों में पुरानी प्रतिभूति राशि ही मान्य रहेगी। हालांकि यह जांच की जाएगी कि संबंधित कनेक्शन मल्टीपल कनेक्शन की सूची में शामिल तो नहीं है। आवश्यकता होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

कई लोगों ने अपने कामगारों, अपने मित्रों के नाम एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर कराए हैं। ऐसे भी लोग हैं जिनके यहां पीएनजी है, वे भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। वितरक द्वारा इसे जांच के लिए तेल कंपनी के विवरण में अपलोड कर दिया जाएगा।

गैस एजेंसी संचालक जयप्रकाश शर्मा का कहना है कि शहर के दानदाता विभिन्न अवसरों पर दान करते हैं। उनका यह दान एलपीजी के जरूरतमंदों की सुविधा बन सकता है। उनका जीने का सहारा बन सकता है। ऐसे एलपीजी कनेक्शन के दान के लिए प्रक्रिया बहुत आसान कर दी गई है।

कनेक्शन का मूल स्वामी अपने घोषणा पत्र के साथ जरूरतमंद को आवेदन करा दें। उसकी पहचान एवं रिहाइश का सबूत लगेगा। वितरक के पास तय शर्तों के अनुसार जमा करना होगा। प्रतिभूति राशि वर्तमान दर के अनुसार मान्य होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यह रियायत की है, क्योंकि नए कनेक्शन पर अभी भी रोक जारी है।

विकल्प भी महंगा

तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए 10 किलो का एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलिंडर पेश किया है। इसकी कीमत 1612 रुपये है। खाली सिलिंडर और गैस की कीमत जोड़ने पर खरीदार को 4798 रुपये देने होंगे। केवल रिफिल के हिसाब से यह घरेलू गैस से 94 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी पड़ रही है।

यानी घरेलू गैस की तुलना में लगभग ढाई गुना कीमत चुकानी पड़ रही है। प्रेस में गैस का इस्तेमाल करने वालों और पटरी पर चाय बेचने वालों को सामान्य कामर्शियल सिलिंडर से भी महंगी गैस लेनी पड़ रही है। इससे लागत बढ़ी है।

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