सिकंदराबाद, जागरण टीम। यूपी के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद में रिटायर्ड सूबेदार से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एसएसपी के आदेश के बाद बैंक मैनेजर समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। धोखाधड़ी लोन दिलाकर फर्म खोलने के झांसे में पांच साल पहले की गई है। पुलिस मामला दर्ज करने के बाद जांच में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक, सिकंदराबाद की एसडीएम कालोनी निवासी जगदीश प्रसाद सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हो चुके हैं। अब वह गांव गांव बुटैना में कृषि कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि साल 2017 के अगस्त माह में उनके पास नोएडा का रहने वाला एक व्यक्ति हर्षवर्धन और केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक रवि कुमार आए। हर्षवर्धन ने खुद को मैसर्स बालाजी हार्टिकल्चर इंस्ट्रूमेंट प्रोडक्ट हाउस का संचालक बताते हुए आधुनिक तकनीक से पाली हाउस बनाने का व्यापार बताया। हर्षवर्धन की इस बात की गारंटी शाखा प्रबंधक रवि कुमार ने दी थी।

कही थी 50 प्रतिशत सब्सिडी दिलाने की बात

जगदीश के अनुसार, हर्षवर्धन सिंह व शाखा प्रबंधक रवि कुमार ने पाली हाउस योजना पर बातचीत की और हार्टीकल्चर विभाग से अप्रूवल दिला 50 प्रतिशत सब्सिडी दिलाने की बात कही। इसके लिए वे दोनों जगदीश के घर अक्टूबर माह में कई बार आए।

इसी बीच, बैंक मैनेजर रवि ने साल 2017 के अक्टूबर माह में पांच सौ रुपये से खाता खुलवाया तथा फाइल बना दी। इसके बाद उससे अन्य कागजातों पर हस्ताक्षर कराए। इस दौरान 94 हजार नौ सौ सत्रह रुपये 58 पैसे पर तथा अनेक ऋण स्वीकृत होना बताया, लेकिन 25 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा नहीं कराई। 

रुपये खाते में भेजने के बाद भी नहीं करवाया निर्माण

बताया कि उसके बचत खाते में सात लाख स्वीकृत ऋण में हस्तांतरित किए। उसी दिन 6 लाख 97 हजार 450 पचास मैसर्स श्री बालाजी हार्टिकल्चर के खाते में केनरा बैंक शाखा मोरना में ट्रांसफर कर दिया। आरोपित शाखा प्रबंधक ने दो लाख 50 हजार रुपये में से 40 हजार रुपये स्वीकृत ऋण में से मैसर्स बालाजी हार्टिकल्चर के उपरोक्त खाते में भेज दिया। बावजूद इसके पीड़ित के पालीहाउस का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। 

शिकायत करने की भनक लगने पर फिर दिया झांसा

शिकायत करने की बात सुन आरोपित उसके पास पहुंचे और कुछ दिन में पाली हाउस का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया। इस दौरान आरोपितों ने अपने संबंधों का नाजायज फायदा उठाते हुए बाउंस हुए दस लाख रूपये के चेक का मुकदमा दायर करने से वंचित कर दिया। इससे उसका पाली हाउस निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। 

इस बीच पीड़ित ने एक अन्य फर्म से पालीहाउस का निर्माण करा दिया। इसका भुगतान पीड़ित ने अपने खाते से किया। आरोप है कि आरोपितों ने अन्य ग्रामीणों के साथ भी धोखाधड़ी की है। पुलिस ने आरोपित हर्षवर्धन और रवि के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Edited By: Shivam Yadav

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