तिरंगा यात्रा से पहले सिलिंडर फटने से दहल उठा बुलंदशहर का काला आम चौराहा, शुभारंभ को पहुंचने वाले थे मंत्री
बुलंदशहर के कालाआम चौराहा पर तिरंगा यात्रा से पहले गुब्बारे भरते समय हीलियम गैस का सिलिंडर फटने से दो लोग ...और पढ़ें

अस्पताल में भर्ती घायल युवक और इंसेट में क्षतिग्रस्त सिलिंडर का हिस्सा
HighLights
गुब्बारे भरते समय हीलियम गैस का सिलिंडर फटा।
हादसे में दो लोग हुए घायल, एक दिल्ली रेफर।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से पहले तैयारी के दौरान गुरुवार सुबह कालाआम चौराहा पर गुब्बारे भरते समय हीलियम गैस का सिलिंडर अचानक फट गया। हादसे में दो लोग घायल हो गए। इसमें गंभीर रुप से घायल एक युवक को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी से हायर सेंटर दिल्ली रेफर किया गया, जबकि एक घायल का वार्ड में उपचार चल रहा है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कालाआम चौराहा से गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे भाजपा की विशाल और भव्य तिरंगा यात्रा का शुभारंभ होना था। इसके लिए शहर में कई स्थानों पर टैंट लगाकर सुंदर गेट बनाए गए हैं। गुरुवार की सुबह गुब्बारे से सजावट का काम चल रहा था और शहर के शिकारपुर बाईपास चीरघर निवासी 41 वर्षीय राकेश पुत्र रामगोपाल और शहर के मुहल्ला साठा गड़रियों वाली गली निवासी राजेश पुत्र राम सिंह हीलियम सिलिंडर से गुब्बारे भर रहे थे।
इसी दौरान हीलियम गैस का सिलिंडर अचानक तेज आवाज के साथ फट गया। सिलिंडर फटते ही कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। दुर्घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया। यहां गंभीर हालत के चलते राकेश को हायर सेंटर दिल्ली रेफर कर दिया।
चिकित्सकों ने बताया कि राकेश ही हालत नाजुक है, इसलिए रेफर करना पड़ा, जबकि राजेश का वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सिलिंडर बुरी तरह ध्वस्त हो गया।
हीलियम गैस पर विशेषज्ञ की राय
उधर, मेडिकल कालेज में इमरजेंसी के हेड प्रोफेसर डा. रोहित वार्ष्णेय का कहना है कि गुब्बारों में हीलियम गैस इसलिए भरी जाती है क्योंकि यह हवा से बहुत हल्की होती है, जिस वजह से गुब्बारा आसमान में ऊपर उड़ने लगता है। हीलियम एक अक्रिय और अज्वलनशील गैस है, जो आग नहीं पकड़ती।
यह इंसानों और प्रकृति के लिए पूरी तरह सुरक्षित, विषैली और गंधहीन होती है। यह ज्वलनशील नहीं होती है। इससे आग लगने या धमाका होने का खतरा नहीं रहता है।
