बुलंदशहर में दहेज हत्या के तीन दोषियों को दस-दस वर्ष का कारावास, 15-15 हजार रुपये का लगा जुर्माना
बुलंदशहर में लगभग साढ़े चार साल पुराने दहेज हत्या मामले में अदालत ने पति, देवर और सास को दोषी ठहराया ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दहेज हत्या मामले में पति, देवर, सास दोषी करार।
तीनों को दस-दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई।
प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। लगभग साढ़े चार साल पहले दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति, देवर और सास को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजक नितिन त्यागी और संघमित्रा के अनुसार, 29 जनवरी 2022 को नगर कोतवाली में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। वादी सत्येंद्र गोस्वामी ने बताया कि उनकी बेटी सिमरन की शादी 2 जुलाई 2021 को तरुण निवासी मौजपुर खुर्जा के साथ हुई थी।
आरोप है कि पति तरुण, सास कल्लो देवी, देवर अरुण और ननद ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया। 27 जनवरी 2022 को ससुरालियों ने सिमरन की हत्या कर दी।
24 अप्रैल 2022 को जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपितों के खिलाफ आठ गवाह पेश किए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गुप्ता ने पति तरुण, देवर अरुण और सास कल्लो देवी को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
