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कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया जेल से पेशी को आया हिस्ट्रीशीटर, तलाश में जुटीं बुलंदशहर पुलिस की 5 टीमें

By Vipin Kumar Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 17 Oct 2026 07:15 PM (IST)

Bulandshahr News: बुलंदशहर कोर्ट परिसर से हिस्ट्रीशीटर असलम पुलिस हिरासत से फरार हो गया, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो

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HighLights

  1. जेल से एनडीपीएस एक्ट की तारीख पर कोर्ट आया था।

  2. पुलिसकर्मियों ने किया पीछा, लेकिन नहीं मिली कामयाबी।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव एत्मादसराय निवासी हिस्ट्रीशीटर असलम पुलिस की कस्टडी से कोर्ट परिसर से फरार हो गया।

आरोपित तारीख पर न्यायालय आया था। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपित की तलाश में जिले की एसओजी सहित पुलिस की पांच टीमें लगी हैं।

सीओ सिटी अनिल कुमार शाही ने बताया कि कोतवाली देहात के गांव एत्मादसराय निवासी असलम पुत्र अशरफ थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे गुलावठी पुलिस ने सात दिसंबर 2025 को अवैध तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

आरोपित के खिलाफ कोतवाली देहात का एनडीपीएस एक्ट का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी शनिवार को तारीख लगी थी। इसी के चलते जेल से वह तारीख पर कोर्ट आया था। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस कर्मी उसे लेकर जा रहे थे, तभी मौका पाकर वह पुलिस कर्मियों को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया।

पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारी कोर्ट परिसर पहुंचे और सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से पूछताछ की। घटना के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा है।

एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश में जिले की एसओजी सहित पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।

हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

बुलंदशहर : अदालत ने लगभग चार साल बाद हत्या के दोषी को आजीवन कारावास और 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अभियोजक चंद्रभान सिंह ने बताया कि 19 अगस्त 2022 को मुकदमा वादी संजय ने कोतवाली सिकंदराबाद पर हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जिसमें बताया था कि आरोपित अरुण पुत्र यशपाल निवासी ग्राम मौजपुर थाना अनूपशहर ने उनके पुत्र की केशव कुमार को अगवा कर उसकी हत्या करने की दुस्साहसिक घटना कारित की थी। पुलिस ने आरोपित का चालान कर जांच के बाद सात सितंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।

मंगलवार को एडीजे एफटीसी चतुर्थ डा. सुरेश कुमार ने दोष सिद्ध होने पर दोषी अरुण को आजीवन कारावास और 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।