पति की हो गई हादसे में मौत; क्लेम देने में बीमा कंपनी ने की आनाकानी, उपभोक्ता अदालत ने दिए 15 लाख देने के आदेश
बुलंदशहर में एक सड़क हादसे में पति की मौत के बाद बीमा कंपनी द्वारा क्लेम न देने पर उपभोक्ता अदालत ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
पति की सड़क हादसे में मौत, बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना किया।
उपभोक्ता अदालत ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया।
15 लाख रुपये ब्याज सहित 45 दिन में भुगतान का आदेश दिया।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। तहसील डिबाई के गांव घुसराना हरीसिंह निवासी गीता के पति गिरीष कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। क्लेम न देने पर न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है।
गीता के पति गिरीश कुमार की 15 मई 2022 को मोटर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। थाना डिबाई में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हादसे के समय गिरीश कुमार के पास ड्राइविंग लाइसेंस था और वह उक्त मोटर साइकिल के पंजीकृत स्वामी थे। उनकी मोटर साइकिल चोला मंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड चेन्नई में पालिसी कराई थी।
दुर्घटना में मृत्यु पर 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर था, जिसकी नामिनी मृतक की पत्नी गीता थी। गीता ने पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी को सूचित किया, लेकिन बीमा कंपनी औपचारिकताओं के नाम पर टाल-मटोल करती रही। कानूनी नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इस पर गीता ने न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष/न्यायाधीश हसनैन कुरैशी एवं महिला सदस्य नीलम कुमारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद बीमा कंपनी का पक्ष खारिज कर दिया। 45 दिन के भीतर 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा क्लेम छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ परिवादी को भुगतान करने का आदेश दिया है।
