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बुलंदशहर-चोला रोड फोरलेन परियोजना: कंपनी चयन में देरी, फिर निकला टेंडर

Published: Mon, 28 Sep 2026 04:58 PM (IST)

बुलंदशहर-चोला रोड को फोरलेन बनाने की परियोजना कंपनी चयन में बाधा के कारण दो साल से अटकी हुई है। जेवर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बुलंदशहर-चोला रोड फोरलेन बनाने में कंपनी चयन बाधा।

  2. जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए डीपीआर टेंडर पुनः जारी।

  3. दो साल से अटकी परियोजना, अब चयन में लगेगा समय।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। बुलंदशहर से इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच के लिए बुलंदशहर-चोला-हामिदपुर एनएच-335 डीडी को फोरलेन बनाने को दो साल बाद भी डीपीआर बनाने के लिए कंपनी का चयन नहीं हो पाया है। मंत्रालय द्वारा कंपनी चयन के लिए टेंडर निकाला गया है। कंपनी चयनित होने के बाद डीपीआर बनाने का काम शुरू हो पाएगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुलंदशहर को जोड़ने के लिए बुलंदशहर-चोला-हामिदपुर एनएच-334 डीडी रोड को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पिछले टेंडर में डीपीआर बनाने के लिए पात्र कंपनी प्रतिभाग नहीं कर पाईं थी। अब दोबारा से मंत्रालय ने बुलंदशहर-चोला-हामिदपुर एनएच-334 डीडी को को फोरलेन बनाने को डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर निकाला है।

कंपनी को किया गया था ब्लैक लिस्ट

डीपीआर बनाने के लिए कंपनी का चयन होने में अभी और समय लगेगा। दो साल पहले एक कंपनी को डीपीआर बनाने के लिए चयनित किया गया था, लेकिन कंपनी ने डीपीआर बनाने के लिए कार्रवाई ही आगे नहीं बढ़ाई थी। जिस कारण कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर टेंडर निकाला गया था।

बुलंदशहर से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी 17 किलोमीटर है। जेवर एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच के लिए बुलंदशहर-चोला-हामिदपुर एनएच-334 डीडी को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है।

हामिदपुर में जमीन अधिग्रहित करनी पड़ेगी, जबकि झाझर-चोला-बुलंदशहर तक विभाग के पास पहले से ही पर्याप्त जमीन मौजूद है। अभी फिलहाल यह सड़क 5.50 मीटर चौड़ी है। इस सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। कंपनी का चयन होने और डीपीआर तैयार होने के बाद उसे स्वीकृति मिलने के बाद ही सड़क को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव धरातल पर आकार ले पाएगा।

बुलंदशहर-चोला-हामिदपुर एनएच-334 डीडी को फोरलेन बनाने को डीपीआर बनाने के लिए टेंडर में पात्र कंपनी नहीं आ पाईं। मंत्रालय द्वारा टेंडर निकाला गया है। कंपनी का चयन होने के बाद ही डीपीआर की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।

-अरविंद कुमार, एक्सईएन एनएच डीडी, 335