बुलंदशहर: जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से मारपीट और लूटपाट, महिला डॉक्टर समेत 11 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Bulandshahr News: बुलंदशहर के सुधीर नर्सिंग होम में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार शर्मा के साथ मारपीट और ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
कालाआम चौराहा के पास स्थित सुधीर नर्सिंग होम का मामला।
एसोसिएश अध्यक्ष ने कोतवाली नगर पर दर्ज कराई रिपोर्ट।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। कालाआम चौराहा के पास स्थित सुधीर नर्सिंग होम में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ अभद्रता, मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। आरोप है कि वृद्ध मां के साथ पीड़ित अस्पताल में भर्ती परिचित को देखने जा रहे थे, तभी लिफ्ट बंद हो गई।
पीड़ित ने इसकी शिकायत स्टाफ से की तो उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित की शिकायत पर थाना कोतवाली नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक की चिकित्सक पत्नी सहित 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिला बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष रविंद्र कुमार शर्मा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि 20 अगस्त की सुबह नौ बजे वह अपनी वृद्ध मां के साथ सुधीर नर्सिंग होम में दूसरी मंजिल पर भर्ती एक परिचित मरीज को देखने गए थे। जब वे मां के साथ लिफ्ट में सवार थे, तभी लिफ्ट बंद हो गई।
लिफ्ट में फंसने की शिकायत करने पर महिला चिकित्सक डॉ. चित्रा अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि समस्या का समाधान करने के बजाय महिला चिकित्सक और उनके साथ कर्मचारी अभद्रता पर उतर आए। विरोध करने पर आरोपितों ने रविंद्र के साथ मारपीट करते हुए उनके कपड़े फाड़ दिए।
आरोप है कि महिला चिकित्सक ने उनकी जेब से 4,500 रुपये निकाल लिए। जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो आरोपितों ने उनका मोबाइल तोड़ दिया। शोर सुनकर रविंद्र के सुरक्षाकर्मी और भाई ने उनकी जान बचाई।
इसके बाद में डॉ. चित्रा के पति चिकित्सक डा. सुधीर कुमार ने टूटा हुआ मोबाइल फोन तो वापस कर दिया, लेकिन रुपये नहीं लौटाए। घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। इस संबंध में नर्सिंग होम सचांलक डॉ. सुधीर ने बताया कि इस बाबत उनकी एसोसिएशन अध्यक्ष से बैठकर वार्ता हो गई है। दोनों पक्ष का आपस में समझौता हो गया है।
सीओ सिटी पखर पांडेय ने बताया कि एसोसिएशन के अध्यक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उनकी शिकायत पर महिला चिकित्सक डा. चित्रा को नामजद करते 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है। दोनों पक्ष में समझौते की जानकारी नहीं है।
