कौन हैं भारती! जिन्होंने गांव की पगडंडी से निकल यूपी टीम तक का सफर किया तय और बन गईं बाएं हाथ की स्पिनर
भारती शर्मा ने गांव की पगडंडी से निकलकर यूपी रणजी टीम तक का सफर तय किया है, जहां वह अपनी ...और पढ़ें

खिलाड़ी भारती शर्मा ।
HighLights
भारती शर्मा बनीं यूपी रणजी टीम की बाएं हाथ की स्पिनर।
मालागढ़ गांव से निकलकर क्रिकेट में बनाया अपना मुकाम।
अपनी मेहनत से बनीं अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। जब-जब बेटियों को कमजोर समझा गया, तब-तब किसी गांव की पगडंडी से एक दुर्गा निकली है। गांव की पगडंडी से निकल भारती शर्मा रणजी में अपनी स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को घुमाने के साथ ही अपनी किस्मत को भी घुमा रही है। भारती ने जेन जी को क्रिकेट की दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। क्रिकेटर भारती की तरह ही अन्य बेटियां भी गेंद और बल्ला थाम कर किस्मत बदलने को मैदान पर पसीना बहा रही हैं।
शहर से आठ किलोमीटर दूर स्थित मालागढ़ के स्वर्गीय विशेष कुमार शर्मा की बेटी भारती शर्मा ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों की बेटियां भी नहीं कर पातीं। भारती शर्मा बाएं हाथ की घातक स्पिनर, दाहिने हाथ की शानदार बल्लेबाज और उत्तर प्रदेश की रणजी टीम की लाडली। जिस उम्र में जिले की किशोरी व युवतियों इंस्टाग्राम पर फिल्टर ढूंढती हैं, उस उम्र में भारती शर्मा ने यमुनापुरम स्टेडियम की मिट्टी में अपना भविष्य ढूंढ लिया।
जिले की बेटी भारती शर्मा आज बाएं हाथ की स्पिनर, दाहिने हाथ की बैटर और उत्तर प्रदेश की रणजी टीम की शान। भारती शर्मा अंडर-23, चैलेंजर ट्राफी, सीनियर टी-20 और अब तीन बार रणजी खेल चुकी हैं। पिता का साया बचपन में उठ गया। इसके बाद मां बीना देवी भारती को क्रिकेटर बनने के सपने टूटने नहीं दिया। उन्होंने मेहनत मजदूरी करके उसी मजदूरी से यमुनापुरम स्टेडियम भेजा था।
भारती ने अपनी यह सफलता अपनी कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की है। कोच सुखदेव शर्मा कहते हैं कि भारती जेन जी है साहब, इसे डांटो तो ये रोती नहीं, सवाल करती है। मैं कहता हूं गेंद टप्पा खा नहीं रही, तो ये कहती है सर, पिच में नमी है, यूट्यूब पर देखा था, ऐसे में रिस्ट थोड़ा और घुमाना पड़ेगा। ये पीढ़ी टीचर से ज्यादा गूगल पर भरोसा करती है, और यही इसकी ताकत है। अब मालागढ़ में बेटियां खिलौने नहीं, गेंद मांगती हैं। ये बदलाव भारती लाई है। भारती से प्रेरित होकर बेटियां भी अब क्रिकेट अपना हाथ अजमाने का आतुर हैं।
