आयुष्मान भारत योजना: किडनी-लिवर के इलाज से लेकर घुटना व कूल्हा ट्रांसप्लांट की भी सुविधा, अस्पतालों की निगरानी जारी
Bulandshahr News: बुलंदशहर में आयुष्मान भारत योजना के तहत आठ सालों में 1.05 लाख से अधिक मरीजों को इलाज मिला ...और पढ़ें

निरीक्षण के बाद बंद किए गए चार अस्पतालों के पोर्टल खोले
HighLights
बुलंदशहर में आठ साल में एक लाख से अधिक मरीजों का हुआ इलाज।
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने शुरू की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। Ayushman Bharat Yojana : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत से बुलंदशहरवासियों का खूब कल्याण हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना से आठ साल में एक लाख पांच हजार 679 मरीजों का इलाज मिल चुका है। इस पर सरकार 150 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर चुकी है। योजना के तहत पारदर्शिता से इलाज के लिए शासन स्तर से पैनल वाले अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है।
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) शुरू की थी। इस योजना के तहत जिले के दो लाख 29 हजार 400 परिवार के दस लाख 86 हजार 749 सदस्य इलाज के लिए पात्र हैं। लगभग साढ़े नौ लाख पात्रों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
योजना शुरू होने के बाद धीरे-धीरे निजी अस्पताल पैनल से जुड़ते गए। वर्तमान में 83 निजी अस्पताल योजना के पैनल और जिले के पांच बड़े सरकारी अस्पतालों के साथ सीएचसी और पीएचसी भी पैनल पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक योजना के पात्र बुलंदशहरवासियों पर इलाज के लिए केंद्र सरकार 150 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर चुकी है।
योजना के नोडल अधिकारी टिकेंद्र कुमार का कहना है कि योजना बहुत कारगर साबित हो रही है। योजना में घुटने ट्रांसप्लांट, कूल्हा ट्रांसप्लांट, आंखों के आप्रेशन, किडनी और लिवर के इलाज तक किए जा रहे हैं। हार्ट रोगियों का इलाज किया जा रहा है। योजना के पैनल वाले निजी अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रदेश के अन्य जिलों में गड़बड़ी सामने आने पर जिले में भी लखनऊ से टीम पहुंची और निरीक्षण कर 16 अस्पतालों को नोटिस देकर पोर्टल बंद कर पेमेंट पर रोक लगाई। इससे मरीज अस्पताल जाकर लौट रहे थे।
जांच के बाद शासन ने एसएस हास्पिटल, लाइफ केयर हास्पिटल, नवीन हास्पिटल और श्री हेल्थी विंग हास्पिटल के पैमेंट की रोक हटाते हुए इनका पोर्टल खोल दिया है। दस से अधिक अस्पतालों के पेमेंट पर रोक जारी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पैनल वाले अस्पताल सरकार की गाइलाइन के मुताबिक मरीज को भर्ती करके इलाज करें।
