कम नींद और मोटापा कर रहे हड्डियों को खोखला, रात को देर से सोना बंद करना जरूरी; शिविर में वैद्य ने किया जागरूक
बुलंदशहर में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित शिविर में वैद्य हितेश कौशिक ने बताया कि देर से सोने और ...और पढ़ें

(Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
वैद्य ने देर से सोने और मोटापे को हड्डियों की कमजोरी का कारण बताया।
बुलंदशहर में आयोजित शिविर में 48 में से 40 लोगों की हड्डियों मे डेंनसिटी कम मिली।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। रात को देर से सोने एवं कम सोने से शरीर में वायु बढ़ जाती है एवं वायु के बढ़ने से हड्डियां खोखली होकर कमजोर जाती हैं। इसकी वजह से हड्डियों में दर्द भी रात को ही अधिक होता है। यह विचार ग्यारहवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में शहर के यमुनापुरम स्थित समता आयुर्वेदिक सेंटर पर क्षारसूत्र एवं पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्य हितेश कौशिक ने व्यक्त किए।

सेंटर पर सोमवार को निश्शुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञ हितेश कौशिक ने उपस्थित लोगों को बताया कि शरीर का वजन अधिक होने से भी हड्डियों को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता है। इसलिए मोटापे के कारण भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
रात को देर से सोने एवं कम सोने से शरीर में बढ़ जाती है वायु
क्षारसूत्र एवं पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्य हितेश कौशिक के अनुसार रात को देर से सोने एवं कम सोने से शरीर में वायु बढ़ जाती है एवं वायु के बढ़ने से हड्डियां खोखली होकर कमजोर जाती हैं। इसकी वजह से हड्डियों में दर्द रात को ही अधिक होता है।
मुख्य लक्षण
वैद्य हितेश कौशिक ने बताया कि हड्डियों की कमजोरी के मुख्य लक्षणा में दांतो का टूटना, बालों का अधिक गिरना या टूटना, हड्डियों में दर्द होना, चलते चलते अचानक गिरने से हड्डी टूटना आदि हैं |
शिविर में कुल 48 लोगों का बोन मिनरल डेनसिटी टेस्ट हुआ, जिसमें 40 लोगों की हड्डियों मे डेंनसिटी आवश्यकता से कम पाई गई। जिनको औषधि वितरण किया गया। शिविर में हड्डियों की परेशानियों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। आयोजन में प्रवेक कल्प का विशेष सहयोग रहा। शिविर की व्यवस्था में दक्ष कौशिक, वैभव शुक्ला, आशुतोष का सहयोग रहा।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में आए 250 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया
डिबाई : क्षेत्र के अलग अलग गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में आए मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवा का वितरण किया। क्षेत्र के गांव कसेर कलां व उससे जुड़े अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। प्राथमिक केंद्रों पर मरीजों की भीड़ रही।
इस दौरान गांव कसेर कलां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 58, कर्णवास में 53, राजघाट में 51, नरौरा में 35, रतनपुर में 20 व जरगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 33 मरीज पहुंचे। डाक्टरों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आए मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवा का वितरण किया। वही कुछ मरीजों के खून की जांच की। इस दौरान कसेर कलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डा. भपेंद्र सिंह ने बताया कि सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे है जिसमें खुजली, एलर्जी, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या रही।
