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बुलंदशहर: 'हाईवे से नीचे दबी' सिकंदराबाद मंडी, बदहाली के विरोध में आढ़तियों का हल्लाबोल; गाजियाबाद-नोएडा तक सप्लाई ठप 

By Ravindra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 14 Aug 2026 03:42 PM (IST)

Bulandshahr News: सिकंदराबाद फल-सब्जी मंडी में बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में आढ़ती और दुकानदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, ...और पढ़ें

नवीन फल-सब्जी मंडी में हुआ जलभराव और हड़ताल के कारण बंद पड़ी दुकानें। जागरण

नवीन फल-सब्जी मंडी में हुआ जलभराव और हड़ताल के कारण बंद पड़ी दुकानें। जागरण

HighLights

  1. सिकंदराबाद मंडी में बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल।

  2. रोजाना 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित, मंडी समिति को हानि।

संवाद सहयोगी, (सिकंदराबाद) बुलंदशहर। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित नवीन फल-सब्जी मंडी की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में सिकंदराबाद फल व सब्जी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी व दुकानदार कामकाज ठप पर हड़ताल पर बैठ गए। कामकाज ठप होने से 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

हड़ताल समाप्त कराने पहुंचे मंडी सचिव राजेश प्रसाद को मौजूद एसोसिएशन व दुकानदारों ने लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।

मंडी की बदहाल व्यवस्थाएं

शुक्रवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित नवीन फल-सब्जी मंडी एसोसिएशन के महामंत्री अनिल कुमार गोयल ने बताया कि नवीन फल व सब्जी मंडी अलीगढ-गाजियाबाद हाइवे-34 से चार फीट नीचे हो गई है। हाईवे से जो रास्ता सब्जी मंडी को नीचे उतरता है, उसमें साल दर साल दो से तीन फीट तक पानी भरा रहता है।

उक्त रास्ते पर मंडी को अंदर जाने के तीन गेट हैं। उक्त गेटों से मंडी के अन्दर जाने को दुर्गंधयुक्त जलभराव से होकर किसानों और पैकारों को गुजरना पड़ता है। बरसात के कारण मंडी के अन्दर जलभराव रहता है।

मजबूरन किसानों को अपना माल गंदे पानी में रखना पड़ता है। माल गंदा होने के चलते बाहर से आने वाले पैकरों ने खरीदारी को मंडी आना ही छोड़ दिया है। मंडी परिसर में पेयजल के लिए लगे पांच हैंडपंप में मात्र एक हैंडपंप चालू हालत में है।

जबकि उक्त चालू हैंडपंप का पानी कैमिकलयुक्त होने से पीने योग्य नहीं है। मंडी परिसर की प्रकाश व्यवस्था खराब है। जर्जर तार आये दिन टूटते रहते हैं। परिसर में लगीं अधिकतर लाइट खराब स्थिति में है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

पूर्व में की गई शिकायतें और कानूनी कार्रवाई

उन्होंने बताया कि समस्याओं को लेकर वर्ष 2014 में हाईकोर्ट प्रयागराज में भी रिट दायर की थी। हाईकोर्ट प्रयागराज ने संबंधित विभाग की निदेशक लखनऊ को यह कहकर आदेश पारित किया था कि सिकंदराबाद सब्जी मंडी के 27 जनवरी 2026 की जो समस्या है उनका निस्तारण दो माह के अन्दर किया जाये।

हड़ताल जारी, लिखित आश्वासन की मांग

बावजूद इसके कोई भी काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। वहीं हड़ताल होने से करीब 50 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। अकेले मंडी समिति को करीब तीन लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है। उक्त मंडी से नोएडा, दादरी व गाजियाबाद आदि शहरों के दुकानदार प्रतिदिन बड़ी संख्या में फल व सब्जी की खरीदारी करने आते हैं। दूसरे राज्यों व जनपदों से आने वाले माल को लेने से मंडी के दुकानदारों ने इंकार कर दिया है।

तीन दिन से अनाउसमेंट कराकर स्थानीय दुकानदारों व किसानों को सूचना भेजी जा रही है। लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। सचिव राजेश प्रसाद ने बताया कि दुकानदार व एसोसिएशन के पदाधिकारी लिखित आश्वासन की जिद पर अड़े हुए हैं। पूरे मामले की जानकारी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।