बुलंदशहर, जेएनएन। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से बुलंदशहरवासियों का खूब कल्याण हो रहा है। अब तक आयुष्मान योजना पर जिले के मरीजों पर सरकार के ढाई करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इससे 2400 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। इसमें से सरकार इलाज देने वाले अस्पतालों को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान भी कर चुकी है।

सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया। योजना के लिए चयनित परिवारों को पांच लाख रुपये तक का सालाना इलाज मुफ्त दिया जा रहा है। योजना शुरू हुए नौ माह बीत चुके हैं। 24 जून तक जिलेभर के 2400 मरीजों को इलाज मिल चुका है। आयुष्मान से लोगों को इलाज देने में निजी अस्पताल सरकारी अस्पतालों से कहीं ज्यादा आगे हैं। अब तक निजी अस्पतालों ने मरीजों को ढाई करोड़ रुपये का इलाज दिया है। इसमें से सरकार निजी अस्पतालों को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान भी कर चुकी है। आयुष्मान से लोगों को इलाज देने की ग्रेडिग में बुलंदशहर जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर चल रहा है। आयुष्मान से लाभ लेने वाले लाभार्थियों में सबसे अधिक संख्या मुस्लिम पात्रों की है। करीब साठ फीसद लाभार्थी मुस्लिम हैं। ये अस्पताल पैनल पर

-मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के पैनल पर राणा हास्पिटल, ओजस आइ केयर, अमेयस हास्पिटल, शांतिदीप हास्पिटल और ग्लोबल हास्पिटल हैं। जबकि सरकारी में सीएचसी सिकन्दराबाद, सीएचसी खुर्जा, महिला अस्पताल खुर्जा, जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल शामिल हैं। इंसेट---

10 अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल पर

2400 मरीजों को अब तक मिला योजना का लाभ

2.5 करोड़ रुपये आयुष्मान पर अब तक हुए खर्च

1.5- करोड़ का सरकार कर चुकी भुगतान इन्होंने कहा.

आयुष्मान योजना बहुत अच्छी है। इसका गरीबों को खूब लाभ मिल रहा है। अब तक लगभग 24 सौ लोगों को जिले में आयुष्मान से इलाज मिला है। प्रदेश में बुलंदशहर तीसरे पायदान में है।

-डा. केएन तिवारी, सीएमओ।

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