बिजनौर, जेएनएन। कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वयं को मानसिक रूप से सु²ढ़ किया। संक्रमण से उबरने के लिए नियमित दवाइयों के सेवन और खानपान का विशेष ध्यान रखा। होम आइसोलेशन के दौरान किताबें पढ़ीं और नियमित योग किया। फल, हरी सब्जी और गुनगुने पानी का सेवन कर कोरोना से जंग जीत ली।

नगर पंचायत साहनपुर निवासी पूर्व सैनिक रविद्र काकरान ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के घातक बीमारी है। अप्रैल माह में उन्हें बुखार व जुकाम की शिकायत हुई। चिकित्सक से दवाई ली लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। कोरोना परीक्षण कराया तो रिपोर्ट पाजिटिव आई। उन्होंने स्वयं को मानसिक रूप से सु²ढ़ किया। कोरोना संक्रमण को हराया जा सकता है। होम आइसोलेट होने के बाद उन्होंने चिकित्सकों के परामर्श पर नियमित दवाइयों को सेवन किया। एक अलग कमरे में भोजन आदि आवश्यकता का सामान रखा। स्वजन को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी। स्वजन को संक्रमण से बचाने के लिए उनकी दूरी बनाए रखी और स्वयं भोजन बनाया। आइसोलेशन के दौरान समय काटने के लिए किताबें पढ़ी और संक्रमण से उबरने के दौरान योग किया। फल, हरी सब्जी और गुनगुने पानी का सेवन कर कोरोना से जंग जीत ली।

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टीकाकरण को तेज करने का दिया निर्देश धामपुर : क्लस्टर योजना के अंतर्गत कई गांवों में वैक्सीनेशन शिविर लगाए गए हैं। एसडीएम ने बुधवार को कई गांवों में वैक्सीनेशन केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही यहां पर मौजूद कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए टीकाकरण में तेजी लाने के संदेश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूक करते हुए टीकाकरण कराने को प्रेरित करने को कहा।

बुधवार को नींदड़ू, वाजिदपुर, मानपुर शिवपुरी आदि गांवों में कोरोना टीकाकरण के लिए शिविर लगाए गए। सभी गांवों में 18 वर्ष से अधिक आयु तक के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। बुधवार को एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने इन गांवों में लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां उपस्थित कर्मचारियों से टीकाकरण के बारे जानकारी हासिल की। साथ ही निगरानी समिति के सदस्यों को घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

Edited By: Jagran