जेएनएन, बिजनौर। चुनावी दौर में मजदूर न मिलने के कारण गेहूं कटाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इस सप्ताह चुनाव व विवाह शादी समारोह अधिक होने के कारण 15 दिन में समाप्त होने वाली कटाई एक माह तक चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। पांच दिन बाद चुनाव होने के चलते गेहूं की कटाई प्रभावित हो रही है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का माहौल पूरी तरह गर्म है। उम्मीदवार पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं के साथ उनके समर्थक भी चुनाव लड़ा रहे हैं। हालत यह है कि मजदूर तबके के लोग भी चुनाव लड़ाने में व्यस्त होने के कारण गेहूं कटाई नहीं हो पा रही है। चुनाव के चलते कुछ लोग खाना बनाने व प्रचार करने में लगे हैं। प्रत्याशी भी उन्हें अच्छी मजदूरी दे रहे हैं। इसके चलते खेत खलिहान में दिखाई देने वाले मजदूर गांव में नारा लगाते दिखाई दे रहे हैं। किसानों का मानना है कि 15 दिनों में थ्रेसिग व कटाई समाप्त हो जाती थी, लेकिन इस बार एक माह तक यह कार्य चलने का अनुमान है। मजदूर न मिलने से किसान काफी परेशान नजर आ रहे हैं। कुछ किसान तो अपने हाथ से ही गेहूं की कटाई करने में जुट गए हैं। वोटर लिस्ट में नाम गायब होने पर भड़के ग्रामीण

ग्राम सुल्तानपुर खादर में करीब 82 ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से गायब होने पर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर सूची में नाम सम्मलित कराने की मांग की है।

आरोप है कि दो माह से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इस समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जोरों पर है। हर एक उम्मीदवार व उसके समर्थक हर ओर निगाह जमाए हैं। इस बार सूचियों में नाम है या नहीं, यह पहले से ही खंगाला जा रहा है। सूची में नाम देखने पर विकासखंड जलीलपुर की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर खादर में करीब 82 ग्रामीणों के नाम सूची से गायब पाए गए। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए संबधित अधिकारी से मिलकर शिकायत की। उन्होंने मांग की कि उनके नाम सम्मलित कराए जाएं। ग्रामीण बबलू, कपिल, पूरन, रोहतास, अनिल, किशनलाल, अनूप, बबीता, सुनील, कमलेश, उपासना, वेद प्रकाश, सीमा देवी, बबीता, सोनम देवी, सुनीता व गोविद आदि के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सूची में उनके नाम नहीं शामिल किए गए तो वह आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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