जेएनएन, बिजनौर। बिजनौर-नगीना हाईवे निर्माण के दौरान शादीपुर अड्डे पर बने प्राचीन मंदिर को हटाने से रोकने के लिए काफी संख्या में लोग कलक्ट्रेट पहुंचे।

लोगों ने बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शादीपुर अड्डे पर बिजलीघर के पास शिव दुर्गा मंदिर भी बना हुआ है। बुधवार को इसे हटाने के लिए एनएचएआइ के अधिकारी जेसीबी लेकर पहुंचे थे। पुजारी और स्थानीय लोगों विरोध किया। वार्ता के बाद दो दिन का समय दिया था। गुरुवार को काफी संख्या में शादीपुर के ग्रामीण पुजारी बिहारी दास के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर 400 साल पुराना है और बरगद के पेड़ भी है। एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक का कहना है कि ग्रामीणों से वार्ता की गई है। मंदिर विवाद सुलझाने के लिए मंगलवार को फिर से बुलाया गया है। आपसी सहमति से हल निकाला जाएगा। शिव कुमार कश्यप, समर सिंह, धूम सिंह, राम बहादुर, ईश्वर, देवेंद्र, कार्तिक कुमार, अंकित, चौधरी रामपाल सिंह शामिल रहे। काली मंदिर हटाने को लेकर विरोध

कोतवाली देहात: बिजनौर से कोतवाली देहात तक हो रहे हाईवे निर्माण के लिए कई मंदिर और मजारों को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में विनायक कालेज के निकट बान नदी के किनारे स्थित भूरे शाह बाबा की मजार को जेसीबी मशीन से हटा दिया गया। ग्राम नूर अलीपुर भगवंत उर्फ डेहरी स्थित काली माता के मंदिर को हटाने के लिए जब टीम पहुंची, तो ग्रामीणों ने विरोध किया, उधर राजस्व विभाग की एक टीम ग्राम शादीपुर स्थित शिव दुर्गा मंदिर पर पहुंची और वहां मौके का मुआयना किया।

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