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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bijnor News: शिक्षकों के जज्बे को सलाम; गंगा नदी का पुल टूटने पर जान जोखिम में उठाकर पढ़ाने आ रहे अध्यापक

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Tue, 19 Sep 2023 09:53 AM (IST)

Bijnor News In Hindi गंगा का पुल टूटा है फिर भी जान जोखिम में डाल पढ़ाने आ रहे गुरुजी। हस्तिनापुर ...और पढ़ें

Bijnor News: गंगा का पुल टूटा है फिर भी जान जोखिम में डाल पढ़ाने आ रहे गुरुजी
Bijnor News: गंगा का पुल टूटा है फिर भी जान जोखिम में डाल पढ़ाने आ रहे गुरुजी

HighLights

  1. दो महीने से बंद पड़ा है हस्तिनापुर मार्ग
  2. लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मार्ग की मरम्मत नहीं करा रहे

चांदपुर−बिजनाैर, जागरण टीम। गंगा नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हस्तिनापुर मार्ग की मरम्मत न होने से गंगा पार से आने वाले अध्यापक जान जोखिम में डाल पानी के बीच से गुजरते हुए पढ़ाने आ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की अनदेखी अध्यापकों पर कभी भी भारी पड़ सकती है।

बाढ़ में बही थी सड़क

हस्तिनापुर मेरठ को चांदपुर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर बनाए गए पुल के साथ ही 11 किलोमीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण कराया गया है। दो माह पूर्व गंगा नदी में आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी। बाढ़ के पानी से पुल के उस पार दो स्थानों पर सड़क बह गई थी। तभी से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित है।विकासखंड जलीलपुर क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित विद्यालय में दर्जनों अध्यापक हस्तिनापुर की ओर से प्रतिदिन पढ़ाने आते हैं।

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शिक्षक मजबूरी में पानी के बीच गुजर रहे

बाढ़ के कारण तबाह हुए मार्ग पर 3 से 4 फुट पानी बह रहा है। अध्यापक मजबूरीवश पानी के बीच से गुजरते हुए पढ़ाने को मजबूर है। पानी से होकर आने वाले मार्ग से अध्यापकों को 10 से 12 किलोमीटर चलना पड़ता है। यदि वह इस मार्ग को छोड़कर बिजनौर होते हुए आएंगे तो यह दूरी बढ़कर 80 किलोमीटर हो जाएगी।

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इसी दूरी से बचने के लिए अध्यापक पानी के बीच से गुजर कर आ रहे हैं। ड्यूटी पर आने वाले सरकारी कर्मचारियों विशेष रूप से अध्यापकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार हैं।