बिजनौर, जेएनएन। नगीना-बिजनौर रेलवे क्रासिंग स्थित पुलिस पिकेट के पास एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मरने वाला कुछ समय पहले तक जेल में था, वह कब रिहा हुआ और यहां कैसे पहुंचा, पुलिस इसकी जांच कर रही है।

बुधवार सुबह एक दुकानदार ने नगीना-बिजनौर रेलवे क्रॉसिग स्थित पुलिस पिकेट से मात्र 8 कदम की दूरी पर एक बंद दुकान के पास नगर के मोहल्ला कलालन निवासी फुरकान (36) पुत्र सुल्तान अहमद का शव पड़ा देखा। दुकानदार ने बताया कि सुबह पांच बजे जब उसने दुकान खोली तो पुलिस पिकेट पर दो पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसकी सूचना उसने दोनों पुलिसकर्मियों को दी, लेकिन वे पल्ला झाड़कर निकल गए। दुकानदार ने बताया कि मृतक की नाक पर खून लगा था। सूचना पर वहां थाना प्रभारी राजेश कुमार तिवारी पहुंच गए। मृतक के पिता सुल्तान अहमद व मां सईदा ने बताया कि फुरकान का अपनी पत्नी राबिया से विवाद चल रहा था। कई बार राबिया ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की थी। इसके चलते उन्होंने एक साल पहले दोनों को अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। यह भी बताया कि उनका बेटा नशे का आदी था और गलत संगत में पड़कर चोरी भी करता था। वह जेल से कब छूटा और कब नगीना पहुंचा, उनको कुछ पता नहीं है। पिछले 6 माह से वह घर भी नहीं आया था।

वहीं, फुरकान की पत्नी राबिया निवासी मोहल्ला नौमी बढ़ापुर ने बताया कि वह एक वर्ष से फुरकान के परिजनों के उत्पीड़न से तंग आकर मायके में रह रही है। उसका पति कहां रहता था, उसे कुछ पता नहीं। पति की मृत्यु कैसे हुई, उसे कोई जानकारी नहीं है। एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

Posted By: Jagran

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