बाढ़ के बाद जुगाड़: बिजनौर से मेरठ पहुंचना है तो अस्थायी पुल से बाइक पार करने को देनी पड़ेगी फीस, जिम्मेदार बेखबर
बिजनौर में गंगा का पानी घटने से गांवों को राहत मिली है, पर फसलें अभी भी जलमग्न हैं। मेरठ मार्ग ...और पढ़ें

HighLights
मेरठ को चांदपुर से जोड़ने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त।
इस मार्ग पर ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी पुल।
संवाद सूत्र, जलीलपुर (बिजनौर)। गंगा का पानी धीरे-धीरे गांवों से निकल गया। पानी घटने से लोगों ने राहत कि सांस ली है। फसलों में अभी भी पानी भरा हैं। उधर, मेरठ को चांदपुर से जोड़ने वाला मार्ग अभी भी क्षतिग्रस्त हालत में है और यहां जाली आदि डालकर ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बनाया है।
इस पुल से बाइक आदि पार कराने के नाम पर 50 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। उधर, किसी विभाग का कोई अधिकारी मौके पर जानकारी करने तक नहीं पहुंचा है।
बुधवार सुबह से गंगा का पानी गावों से निकलना शुरू हो गया था। पानी कम होने के कारण पांडव नगर पुलिस चौकी के निकट नारनौर-दत्तियाना मार्ग भी पूरी तरह से खुल गया है लेकिन मेरठ हस्तिनापुर को जाने वाले मार्ग पर हुए सड़क कटान के चलते अभी भी मार्ग बाधित रहेगा।
सुजातपुर खादर मुख्य मार्ग पर पानी में बही सड़क के स्थान पर ग्रामीणों ने पगडंडी का निर्माण कर आवागमन सुचारु कर लिया है। लेकिन अधिकारियों ने अभी तक वहा पहुंचना गंवारा नही समझा है। जलीलपुर छाछरी मोड़ मार्ग समेत सभी मार्ग खुल गये हैं। अधिक पानी भर जाने के कारण मेरठ मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था।
जिस पर अब जाली डालकर अस्थायी पुल तैयार किया गया है। इस अस्थायी पुल के सहारे मोटरसाइकिल से मेरठ जाया जा सकता हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण सुविधा के नाम पर 50 रुपये तक का सुविधा शुल्क वसूल रहे है।
गंगा कर रही तीन गांवों के पास कटान
बिजनौर: पहाड़ों पर बरसात से गंगा कई दिन से गांव कुंदनपुर, सुक्खापुर व सीमली के पास कटान कर रही है। ये तीनों गांव गंगा की धारा से थोड़ी ही दूरी पर स्थित हैं। सीमली के पास कटान रूक गया है लेकिन बाकी दोनों गांवों के पास कटान अभी भी हो रहा है।
सिंचाई विभाग की टीम रेत की बोरी और लकड़ी आदि से कटान को रोकने का प्रयास कर रही है। शुक्रवार को मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा संगठन शरद कुमार सिंह ने अधीक्षण अभियंता राजीव मित्तल के गंगा की वर्तमान स्थिति, कटान की प्रवृत्ति तथा संवेदनशील तटवर्ती क्षेत्र का निरीक्षण् किया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक एवं बाढ़ बचाव कार्य कराने के निर्देश दिए।
