चांदपुर (बिजनौर): नूरपुर ब्लाक के गांव फजलपुर ढाकी में निर्माण व विकास कार्यों में बरती गई अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को आई जांच टीम ने संबंधित शिकायतों की जांच की। इस बीच कुछ लोगों ने विरोध का भी प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों की हिदायत के बाद वे शांत हुए। बाद में अधिकारियों ने गांव में बने शौचालय, मकानों व सड़कों का भौतिक सत्यापन किया।

पिछले दिनों गांव के कुछ ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजते हुए शिकायत की थी कि प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती गई हैं। जहां शौचालयों में मानक अनुरूप सामग्री नहीं लगी है। वहीं, आवासों व सड़कों के निर्माण में भी धांधली बरती गई हैं। साथ ही हैंडपंप लगवाने के नाम पर लोगों से वसूली हुई। आरोप लगाए कि सरकारी धन की बंदरबांट हुई। कई बार स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में भी कोई संतोष जनक जबाब नहीं मिला। शिकायत पर डीएम के निर्देश पर मंगलवार को गांव में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. भूपेंद्र कुमार, बीडीओ नूरपुर विकास कुमार के अलावा अन्य अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची। उन्हें विकास कार्यों में अनियमितताएं भी मिली। इस बीच कुछ लोगों ने विरोध भी करने का प्रयास किया। लेकिन अधिकारियों निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शांत किया। बताया जाता है कि इस दौरान टीम को गांव के विकास कार्यों में अनियमितताएं मिली। साथ ही शौचालयों के निर्माण में भी गड़बड़ी मिली। उधर, जांच करने आए अधिकारियों कहना है कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।

जांच टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष

संसू, हीमपुर दीपा : ग्राम पंचायत सलेमपुर खादर में निर्माण कार्य में धांधली को लेकर कमिश्नर मुरादाबाद से शिकायत के बाद गठित टीम मंगलवार को भी ग्राम में जांच करने नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया है। टीम के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश हैं।

ग्राम पंचायत सलेमपुर खादर विकास खंड जलीलपुर के विजय ¨सह संदीप कुमार, वीर प्रकाश, अनुज कुमार, सोमवीर ¨सह ओमपाल ¨सह, रणवीर ¨सह आदि ग्रामीणों ने 17 सितंबर को कमिश्नर मुरादाबाद को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान द्वारा 2010 से मनरेगा के निर्माण कार्यों में धांधली की गई है। आरोपित किया कि

मनरेगा के बनाए गए रास्तों पर बोर्ड नहीं लगाए गए। जबकि कागजों में बोर्ड का लगाया लगाया जाना दर्शाया गया है। इतना ही नहीं नालियों के निर्माण में पाइप का प्रयोग नहीं किया गया।

इस मामले में कमिश्नर मुरादाबाद ने जिला विकास अधिकारी, सहायक अभियंता और तकनीकी सहायक की टीम गठित करने के आदेश जिलाधिकारी बिजनौर को दिए। ग्रामीण का आरोप है कि कमिश्नर मुरादाबाद के आदेश के बाद भी जांच टीम लगभग एक वर्ष बाद भी जांच करने ग्राम सलेमपुर खादर नहीं पहुंची। दोबारा कमिश्नर मुरादाबाद से शिकायत की गई तो उन्हें मंगलवार को जांच टीम के गांव में आने की सूचना विकास खंड अधिकारी जलीलपुर को दी। ग्रामीण और शिकायतकर्ता पुलिस की मौजूदगी में शाम तक इंतजार करते रहे। टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने प्रधान पर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया। ग्राम प्रधान सर्व¨जदर कौर ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह ग्राम पंचायत में पारदर्शिता से निर्माण कार्य करा रही हैं।

Posted By: Jagran