बिजनौर, जागरण टीम। सपा-रालोद गठबंधन से चांदपुर सीट पर पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश को प्रत्याशी बनाया गया है। चांदपुर सीट पर शुक्रवार को पूरे दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी के पति रफी सैफी को सपा का सिबल मिलने की चर्चा चलती रही, लेकिन आखिरकार स्वामी ओमवेश टिकट लेने में कामयाब रहे।

बागपत जिले के गांव गूंगाखेड़ी निवासी स्वामी ओमवेश ने स्वामी अग्निवेश की प्रेरणा से सन्यास ग्रहण किया था। ओमवेश वर्ष 1981 में ग्राम दारानगर गंज स्थित केवलानंद निगमाश्रम आ गए थे। उन्होंने वर्ष 1985 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए। वर्ष 1988 में भाकियू से जिलाध्यक्ष रहे और नईमा कांड समेत कई अन्य मुद्दों पर हुए आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। उन्होंने वर्ष 1993 में चांदपुर सीट से पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और हार गए। वर्ष 1996 में उन्होंने एक बार फिर निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। वर्ष 2002 में भाजपा-रालोद गठबंधन से दोबारा विधायक चुने गए। बाद में सूबे की सरकार में गन्ना मंत्री स्वतंत्र प्रभार रहे। इसके बाद 2007 और 2012 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। पिछले काफी समय से वह सपा में सक्रिय थे। सपा जिलाध्यक्ष राशिद अली खां ने चांदपुर सीट से स्वामी ओमवेश को प्रत्याशी बनाए जाने की पुष्टि की है। मतदान केंद्रों पर मोबाइल नंबर चस्पा

कोतवाली देहात पुलिस ने मतदान केंद्रों पर विभाग के उच्चाधिकारियों और सेक्टर प्रभारियों के मोबाइल नंबर चस्पा किए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव की तैयारी के चलते पुलिस विभाग ने अपनी कमर कस ली है। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारी कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते। जिसके चलते क्षेत्र में पुलिस बल आए दिन फ्लैग मार्च निकाल कर अपराधियों को साफ संकेत देना चाहता है कि यदि चुनाव में किसी ने भी कोई गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने के लिए थाना क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर उच्चाधिकारियों व पुलिस सेक्टर प्रभारियों के मोबाइल नंबर के बने बैनर चस्पा किए गए। थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश चंद्र जोशी ने थाना क्षेत्र के मतदान केंद्रों का कई बार निरीक्षण किया तथा लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।

Edited By: Jagran