यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ग्राम महमसापुर में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
नांगलसोती क्षेत्र के ग्राम महमसापुर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। इससे पहले गांव में भागवत भ्रमण व ...और पढ़ें

जेएनएन, बिजनौर। नांगलसोती क्षेत्र के ग्राम महमसापुर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। इससे पहले गांव में भागवत भ्रमण व भव्य कलश यात्रा का आयोजन हुआ। कलश यात्रा में कई श्रद्धालु शामिल रहे।
श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस पर कथावाचक पंडित ज्ञानेश तिवारी ने भागवत कथा के महत्व की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि बिना परिचय किसी के साथ श्रद्धाभाव के साथ संबंध व संपर्क स्थापित नहीं होते। इसीलिए यह जानना जरूरी है कि श्रीमद् भागवत कथा क्या है। भागवत कथा के सुनने से क्या लाभ है। उन्होंने कहा कि बिन परतीत हुए नहीं प्रीति.. इसीलिए हमें भागवत के महत्व को अवश्य जानना चाहिए।
इससे पहले बुधवार को भागवत कथा का शुभारंभ भाकियू नेता दिगंबर सिंह व जिला महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी ने फीता काटकर किया। मुख्य यजमान ब्रह्मानंद शर्मा, संदीप शर्मा रहे। कथा से पूर्व गांव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा पांच अक्टूबर तक जारी रहेगी। कलश यात्रा व कथा में सर्वेश सिंह, अनुकूल, खिलेंद्र सिंह राजू, आदेश देवी, पूनम, अनीता, सुशीला, सुनीता, प्रीति, नेहा, पायल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। महिलाओं ने गांव में निकाली कलश यात्रा
अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव दुलीचंदपुर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। इससे पूर्व महिलाओं ने गांव में कलश यात्रा निकाली। यात्रा का शुभारंभ पंचायत घर से हुआ, जो गांव की विभिन्न गलियों से होते हुए पंचायत पर पहुंचकर समाप्त हुई।
क्षेत्र के गांव दुलीचंदपुर में प्रत्येक वर्ष सामूहिक रूप से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। इसके चलते बुधवार को सात दिवसीय कथा का शुभारंभ किया गया। कथावाचक मोहन भारद्वाज ने कहा कि कथा के श्रवण से मनुष्य को पुण्य प्राप्त होता है। इससे पूर्व गांव में कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाए व कलश यात्रा गांव के प्रत्येक गली मोहल्ले से होकर पंचायत घर पर पहुंचकर समाप्त हुई। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। मुख्य यजमान रमेश सिंह पत्नी तारावती सहित मौजूद रहे। मुख्य अतिथि बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह रहे। कलश यात्रा में सरिता देवी, सुषमा देवी, तारावती, सरिता, धर्मवती, संपदा चौहान, सर्वेश चौहान आदि महिलाएं शामिल रहीं। वहीं कथा आयोजन कमेटी की ओर से रमेश सिंह, राजीव कुमार, तेजपाल सिंह, हरपाल सिंह, शेर सिंह, हुलसन सिंह, महेन्द्रपाल, घासीराम, जगराज आदि का सहयोग रहा।
