बिजनौर जेएनएन। प्लाइवुड व्यापारी को गोली मारकर घायल करने व गल्ला लूटने वाले बदमाश 24 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। हालांकि पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

शुक्रवार की देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्लाइवुड के थोक व्यापारी अंकुर रस्तोगी को उनके प्रतिष्ठान पर तीन बदमाशों ने गोली मारकर गल्ला लूट लिया था। भागते समय गल्ले से सवा लाख रुपये गिरे थे। लूट के बाद बदमाश दुकान के सामने जंगल के रास्ते भाग गए थे। व्यापारी से लूट होने तथा पुलिस के घटनास्थल पर देर से पहुंचने पर व्यापारियों में रोष रहा। देररात घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी, एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ नजीबाबाद प्रवीण कुमार को भी व्यापारियों का विरोध झेलना पड़ा था।

एसपी ने रात में थाने पर कैंप कर व्यापारी के नौकरों तथा परिजनों से वार्ता कर अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के घर दबिश दिलाई। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने दुकान के नौकर धर्मेंद्र तथा एक छोटा हाथी के चालक शहाबुद्दीन, जो घटना के समय मौके पर थे, से भी पूछताछ की। शहाबुद्दीन ने बताया कि वह दुकान पर माल उतारने आया था। अपने टाटा मैजिक (छोटा हाथी) के किराये के 2,700 रुपये लिए थे। तभी तीन बदमाशों ने धावा बोल दिया। बताया कि बदमाशों ने पहले उसके हाथ से 2,700 रुपये लूटे और फिर मुंह पर मुक्का मारकर घायल कर दिया था। बाद में एक बदमाश ने अंकुर के गोली मारी तथा दो अन्य बदमाशों ने गल्ला लूटा।

प्लाइवुड व्यापारी अंकुर रस्तोगी का मेरठ में इलाज चल रहा हैं। ऑप्रेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी गई है। अब उनकी हालत ठीक बताई गई है। अभी व्यापारी के न आने से लूटी गई रकम की स्पष्ट जानकारी नहीं हो पाई है। घायल व्यापारी के तहेरे भाई शिशिर रस्तोगी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उद्योग व्यापार मंडल के रवेंद्र पाराशर, प्रदीप अग्रवाल, प्रद्युमन चड्ढा, मोहम्मद आबिद आदि ने एसपी से रोष व्यक्त करते हुए बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की। कोतवाल अजय कुमार ने बताया कि बदमाश बहुत जल्दी पकड़े जाएंगे।

नौ वर्ष पहले भी मारी थी गोली

किरतपुर: बदमाशों ने नौ वर्ष पहले भी अंकुर रस्तोगी को गोली मारकर लूटपाट की थी। अंकुर रस्तोगी के बड़े भाई नीरज ने बताया कि नौ वर्ष पहले भी बदमाशों ने दुकान पर लूट करते हुए अंकुर को गोली मारी थी तथा एक लाख रुपये लूट लिए थे। आरोप है कि पुलिस को तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पुलिस उस समय कोई कार्रवाई करती, तो शायद अंकुर के साथ घटना दोबारा नहीं होती।

Posted By: Jagran

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