जरा संभलकर चलना, बड़े 'धोखे' हैं गांवों के नाम में... बिजनौर में पानीपत-खटीमा हाईवे पर गलत संकेतकों से लोग परेशान
Bijnor news: एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से पानीपत-खटीमा हाईवे पर गलत नाम वाले संकेतक लगे हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।

संकेतक पर गलत लिखा पेदा गांव का नाम।
HighLights
एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था की अनदेखी के कारण हो रही परेशानी।
संकेतक के तौर पर लगे बाेर्ड को देखकर गुमराह हो रहे हैं राहगीर।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से नवनिर्मित पानीपत-खटीमा हाईवे पर राहगीरों को समस्या आ रही है। हाईवे पर लगाए गए गांव के नाम लिखें संकेतकों में बड़ी खामियां हैं। इनमें अधिकांश गांव के नाम गलत है। गलत नाम पढ़कर बाहरी लोग गुमराह हो रहे हैं।
कुछ गांव के के नाम के संकेतक लगाए ही नहीं गए हैं। ग्रामीणों ने एनएचआइ से इसकी शिकायत की गई है। एनएचएआइ के अधिकारियों ने दो दिन में गलत नाम लिखे संकेतक को हटाने का आश्वासन दिया है।
बिजनौर में 18 किमी का पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पांच साल में बनकर तैयार हुआ है। इसमें मेरठ-पौड़ी और बिजनौर-नगीना रोड को जोड़ने वाला बाइपास भी शामिल है। हाईवे पूरा होने पर निर्माण कंपनी की ओर से हाईवे से होकर जाने वाले गांवों के नाम संकेतक पर लिखे गए हैं। गांव के पास ही हाईवे पर गांव लिखे बोर्ड लगे हैं।
एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था की अनदेखी के कारण वाहन चालकों और राहगीरों की सुविधा के लिए लगाए गए संकेतक में बड़ी लापरवाही सामने आई। हाईवे पर कई गांवों के नाम गलत लिखे गए जबकि कई गांवों के सामने अभी तक संकेतक लगाए ही नहीं लगे हैं। इस लापरवाही की वजह से बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को समस्या हो रही है। वे गुमराह हो रहे हैं।
इस दौरान हाईवे पर हादरपुर गांव के नाम का संकेतक हैदरपुर, पेदा का नाम पेड़डा, जीवनपुर गांव के संकेतक पर जीवनपुरी, नसीरी के सामने नासिरी लिखा है। अलावलपुर का संकेतक भी गलत जगह लगा है। कई गांवों के सामने संकेतक लगे ही नहीं हैं। इसके अलावा गड़ाना, दर्गोंपुर नंगली, सिखेड़ा, पमडावली समेत कई गांव शामिल हैं।
कई महीने बाद भी एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था अपनी गलत नहीं पकड़ पाई है। न ही इन्हें ठीक किया गया है। इस संबंध में एनएचएआइ के एसडीओ आशीष शर्मा ने बताया कि मामला जानकारी में हैं। संकेतक पर लिखे नाम दो दिन में सही करा दिए जायेंगे।
