बिजनौर, जेएनएन। क्षेत्र के गांव रोशनपुर जागीर में बना पंचायत घर देखरेख के अभाव में खंडहर बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि यहां बैठक आदि होना तो दूर गंदगी के चलते यहां आने से बचता है। भवन भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। शिकायत के बाद भी यहां के जीर्णोद्धार के लिए पहल नहीं हो रही है।

विकासखंड नूरपुर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्र के गांव रोशनपुर जागीर में करीब 15 वर्ष पूर्व लाखों की लागत से पंचायत घर का निर्माण किया गया था। यह पंचायत घर गांव की समस्याओं के निवारण के लिए होने वाली पंचायत के उद्देश्य से बना था, लेकिन देखरेख के अभाव में अब इसका भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पंचायत घर परिसर में कूड़े के ढेर जमा हैं। साथ ही यहां पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से अपना सामान भी डाल दिया था। ग्रामीणों ने प्रधान से कई बार इसके जीर्णोद्धार और साफ-सफाई कराने की मांग की, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। विजयपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, रामअवतार सिंह, नरेश कुमार सहित आदि ग्रामीणों ने प्रधान से पंचायत घर का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। वहीं ग्राम प्रधान सुगरा खातून का कहना है कि इस जर्जर पंचायत घर को नीलाम कर नया पंचायत घर बनाया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी। दीवार गिराने पर सात लोगों पर मुकदमा दर्ज

बढ़ापुर: गांव शाहलीपुर कोटरा निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही सात लोगों के विरुद्ध उसकी आराजी पर बनी नवनिर्मित दीवार को गिराने व धमकाने का केस दर्ज कराया है। थाना क्षेत्र के गांव शाहलीपुर कोटरा निवासी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस में दी तहरीर में कहा कि मोजा शाहलीपुर कोटरा के खसरा संख्या 181 में चकबंदी अधिकारी ने पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश कराने के बाद उसकी भूमि पर कब्जा कराया था। दो दिन पूर्व उसने अपने कब्जे की भूमि पर दीवार का निर्माण कराया था। आरोप लगाया कि गांव के शफीक, भूरे, आफाक, राशिद, आसिफ, औसाफ व अहसान ने तड़के करीब तीन बजे निर्माणाधीन दीवार को गिरा दिया। उसने मौके पर जाकर इन लोगों को दीवार गिराने से रोका तो उसको जान से मारने की धमकी दी गयी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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