साफ-सफाई के दौरान झरोखे में मिले उल्लू के बच्चे, वन्यकर्मी मौके पर पहुंचे... चिकन खिलाया और साथ ले गए
बिजनौर में घर की सफाई के दौरान एक झरोखे में उल्लू के छह बच्चे मिले। परिवार ने वन विभाग को ...और पढ़ें

वन विभाग के पास पिंजरे में मौजूद उल्लू के बच्चे। सौजन्य: वन विभाग।
HighLights
बिजनौर में सफाई के दौरान घर में मिले उल्लू के बच्चे।
वन विभाग की टीम ने छह उल्लू के बच्चों को बचाया।
बार्न प्रजाति के उल्लू के बच्चे चिकन खा रहे है।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। दीपावली के मौके पर घर की सफाई के दौरान एक परिवार ने झरोखे में जाली लगा दी। दो दिन बाद देखा तो वहां पर पक्षियों की आवाज आ रही थी। जाकर देखा तो वहां बने एक घोंसले में उल्लू के छह बच्चे थे। परिवार ने वन विभाग की टीम को सूचित किया। वन्य टीम उल्लू के बच्चों को ले गई। अब उन्हें चिकन खिलाया जा रहा है।
कृष्ण विहार कालोनी में जगदीश कुमार रहते हैं। इस समय घर में सफाई चल रही है। उन्होंने घर के एक झरोखे में दो दिन पहले जाली लगवाई थी। उन्होंने कल घर में स्टोर में चिड़ियों के बोलने की आवाज सुनीं, लेकिन ध्यान नहीं दिया। आज चिड़ियों की आवाज और तेज थी। उन्होंने कमरे में टांड पर चढ़कर देखा तो वहां उल्लू के छह बच्चे थे।
जगदीश कुमार ने क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम को फोन किया। उन्होंने टीम भेजकर उल्लू के बच्चों को पकड़वाया और पिंजरे में कार्यालय मंगवा लिया। अब विभाग की टीम उड़ने लायक होने तक उनका ध्यान रखेगी। क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम के अनुसार उल्लू के बच्चे बार्न प्रजाति के हैं। उन्होंने बताया कि जाली लगने से बच्चों की मां घर के अंदर नहीं आ पाई और वहां से चली गई होगी।
पेड़ों की खोखर में अंडे देता है उल्लू
उल्लू पेड़ों की खोखर में अंडे देता है। वह ऐसे टांड आदि पर आमतौर पर घोंसला नहीं बनाता है। उल्लू अपने बच्चों को चूहे, छिपकली आदि का शिकार करके खिलाता है। उल्लू पूर्ण रूप से मांसाहारी पक्षी होता है।
