जेएनएन, बिजनौर। नजीबाबाद रोड पर गांव स्वाहेड़ी के पास रविवार रात बोलेरो गाड़ी पलटने से उसमें सवार एक कर्मचारी की मौत हो गई। मुरादाबाद में तैनात आयकर अधिकारी समेत दो लोग घायल हो गए।

बिजनौर शहर के इंद्रलोक कालोनी निवासी ओमेंद्र सिंह मुरादाबाद में आयकर अधिकारी हैं। वह रविवार रात बोलेरो गाड़ी से जोनी निवासी ग्राम बसेड़ा थाना किरतपुर और अमित निवासी मोहल्ला ज्ञानविहार थाना कोतवाली शहर के साथ नजीबाबाद से बिजनौर लौट रहे थे। नजीबाबाद -बिजनौर हाईवे पर शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव स्वाहेडी के पास बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में अमित की मौत हो गई। वहां पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायल ओमेंद्र और जोनी को अस्पताल में भर्ती कराया। अमित सिचाई विभाग में कार्यरत थे।

गुलदार ने दो भेड़ों को मार डाला

नजीबाबाद। मंडावली क्षेत्र के गांव नारायणपुर रतन में गुलदार ने एक घर पर धावा बोला। घर के एक हिस्से में बंधी दो भेड़ों को गुलदार ने मार डाला। घटना के बाद से क्षेत्रीय ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार के हमले अभी थमे नहीं हैं। आरक्षित जंगल से सटे आबादी बहुल गांवों में गुलदार की दहशत बनी हुई है। रविवार रात गांव नारायणपुर रतन में गुलदार ने नईम अहमद के घर पर धावा बोला। उस समय घर के एक हिस्से में दो भेड़ बंधी थीं। गुलदार ने दोनों ही भेड़ों को मार डाला और मांस खा गया। नईम अहमद को सुबह घटना का पता चला। गुलदार के हमले की चर्चा होते ही क्षेत्रीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गुलदार के हमले की सूचना मंडावली पुलिस और वनकर्मियों को दी गई। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग के कर्मचारी गुलदार के बढ़ते हमलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। दहशत के कारण किसान खेतों पर नहीं जा रहे हैं, लेकिन आवश्यक काम के लिए घरों से निकलना पड़ रहा है। ऐसे में गुलदार के हमले से जनहानि की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग की अनदेखी को देखते हुए प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की।

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