बिजनौर, जागरण टीम। अस्थाई प्रचार कार्यालय के लिए चुनाव आयोग ने कई शर्तों का रखा है। मतदान केंद्र के दो सौ मीटर सीमा में अस्थाई प्रचार कार्यालय नहीं खोला जाएगा। वहीं धार्मिक स्थल के प्रांगण में भी किसी तरह के प्रचार-प्रसार का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। किसी भी प्रत्याशी का सार्वजनिक और व्यक्तिगत सम्पत्ति का अतिक्रमण कर कोई कार्यालय नहीं खोला जाएगा। इसके अलावा आयोग ने कार्यालय के बैनर का साइज भी निर्धारित किया है।

विधानसभा चुनाव के चलते इस बार सख्त निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता का पालन के लिए प्रत्याशियों के कार्यालय खोलने के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है। प्रत्याशी का अस्थाई कार्यालय बिना अनुमति नहीं खोला जाएगा। खास बात यह होगी कि कार्यालय के लिए सार्वजानिक और व्यक्तिगत संपत्ति पर अतिक्रमण कर कार्यालय नहीं खोला जाएगा। शिक्षण संस्था और अस्पताल के समीप कार्यालय नहीं खोजा जाएगा। मतदेय स्थल के दो सौ मीटर की सीमा में नहीं खोला जाएगा। कार्यालय करीब दो सौ मीटर दूरी से ज्यादा होगा। कार्यालय पर पार्ट का झंडा या सिबल लगाना होगा। जिससे पता चला सके कि वह किस पार्टी का अस्थाई प्रचार कार्यालय है। इंटरनेट मीडिया पर रहेगी निगरानी

विधानसभा चुनाव के चलते इंटरनेट मीडिया पर नजर रहेगी। आपत्तिजनक मैसेज भेजने पर प्रतिबंध रहेगा। फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सअप समेत इंटरनेट मीडिया पर कोई ऐसी पोस्ट की गई। इसमें आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रात आठ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पर रोक रहेगी। एसपी सिटी डा. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि आचार संहिता का पालन किया जाएगा। सोशल मीडिया टीम का अलर्ट रखा गया है। इंटरनेट मीडिया पर निगाह रखी जा रही है।

Edited By: Jagran